मरने से ठीक पहले दिमाग क्या सोच रहा होता है, just before death our brain thinking

मौत के समय आदमी के दिमाग मे क्या चल रहा होता है। किसी को इस बारे में पूर्ण जानकारी नहीं है, कुछ जानकारी वैज्ञानिकों को पता है, फिर भी यह एक राज ही है। प्रयोगों से मृत्यु के तंत्रिका के बारे में रोचक जानकारी भी मिली है। बर्लिन की चेरिट यूनिवर्सिटी और ओहायो की सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने जेन्स द्रेयर के निर्देशन में ऐसे प्रयोग किये हैं। उन्होंने रोगियों के तंत्रिका तंत्र की अच्छे से निगरानी की। ये लोग या तो भीषण सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे या स्ट्रोक और कार्डिएक अरेस्ट का शिकार हुए थे। वैज्ञानिकों ने पाया कि पशु और मनुष्य दोनों के मस्तिष्क मृत्यु के समय एक जैसे व्यवहार करते हैं, एक समय पर तो दिमाग आभाषी रूप से कार्य करने लगता है।
   इस प्रयोग का उद्देश्य भी यही था कि मृत्यु के समय दिमाग कैसे कार्य करता है, किसी को जीवन के अंतिम समय में कैसे बचाया जा सकता है। हम जानते हैं कि मृत्यु के समय रक्त का प्रवाह रुक जाने के कारण मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। सभी जरूरी आयन मष्तिष्क की कोशिकाओं को छोड़कर अलग हो जाते हैं, जिससे एटीपी की आपूर्ति कमज़ोर पड़ जाती है। एटीपी ही हमारी ऊर्जा की करेंसी है, हमारी ऊर्जा इसी रूप में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाती है। इसके बाद टिश्यू रिकवरी नही हो पाती है।वैज्ञानिकों ने पाया कि नौ में से आठ रोगियों के मस्तिष्क की सेल्स मृत्यु को रोकने की कोशिश कर रहीं थी। हृदय की गति रुक जाने के बाद भी मस्तिष्क की कोशिकाएं और न्यूरॉन काम कर रहे थे। यह प्रक्रिया पूरे मस्तिष्क में एक साथ होती है, इसे अनडिस्पर्स्ड डिप्रेशन कहा जाता है। इसके बाद की स्थिति को डिपोलराइज़ेशन ऑफ डिफ्यूजन कहते है, जिसे आम भाषा में सेरेब्रल सुनामी भी कहते हैं। इलेक्ट्रोकैमिकल बैलेंस की वजह से मस्तिष्क की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं जिससे बड़ी मात्रा में थर्मल एनर्जी रिलीज़ होती है, इसके बाद मनुष्य की मृत्यु हो जाती है। डिपोलराइज़ेशन को ऊर्जा की आपूर्ति करके मृत्यु को रोका जा सकता है। इसमे अभी बहुत शोध किये जाने बाकी है। इनमें से कई सवालों के जबाव ढूंढना है, जिसके लिए बहुत सारी जटिल प्रयोग और जानकारी एकत्रित किये जाने है।

अब देश छोड़कर नहीं भाग पायेगें माल्या-मोदी जैसे लोग, सरकार ने लिया बड़ा फैसला, Indian government make a law against willful defaulter

विजय माल्या और नीरव मोदी जैंसे मामले सामने आने के बाद सरकार इस तरह के केसों पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है। बैंक को ये निर्देश दिया गया है कि जिसने भी 50 करोड़ से अधिक का कर्ज लिया है, उसका पासपोर्ट का विविरण अपने पास रखें, जिससे कि कोई कर्जदार भागने की कोशिश करे तो उस पर रोक लगाई जा सके। इसके अलावा कर्ज के फार्म में भी बदलाव किया गया है। पिछले हफ्ते मंत्रिमंडल ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक 2018 को मंजूरी दी थी। इससे ऐसें लोगों के खिलाफ तेज़ी से कार्यवाही होगी, साथ ही उनकी संपत्ति और बेनामी सम्पत्ति भी जब्त की जाएगी।
आखिर नीरव मोदी को इतना कर्ज दिया क्यों था- ये पीएनबी से बायर्स क्रेडिट लिया करते थे। बायर्स क्रेडिट 90 से 180 दिन का उधार होता है जो इंटरनेशनल बैंक इंपोटर्स को देते हैं। बायर्स क्रेडिट का आधार होता है बैंक का अपने कस्टमर को दिया गया लेटर ऑफ कम्फर्ट। लेटर ऑफ कम्फर्ट से तय होता है कि उसकी क्रेडिट हिस्ट्री क्या है, वह कितना पैसा चुका सकता है, उसका पिछला लेन-देन कैसा रहा है। इस तरह के लेटर ऑफ कंफर्ट कंपनी को पहले से ही मिलते रहे हैं जबकि बैंक में इसका कोई रिकॉर्ड ही नही था। यह बैंक के दो अधिकारी फर्जी ही जारी कर रहे थे, जिसके आधार पर कंपनी इंटरनेशनल बैंक की शाखाओं से लेटर ऑफ क्रेडिट लेती रही।

विजय माल्या की कंपनी का घाटा साल-दर-साल बढ़ता रहा। वह बैंकों से कर्ज लेता रहा। उस पर बकाया कर्ज 9000 करोड़ रुपए तक हो गया। उनके ट्रेडमार्क सीज किए गए। लेकिन पूरी रिकवरी नहीं हो पाई। बार-बार गुजारिश के बावजूद बैंकों ने माल्या को फ्रॉड घोषित कर शिकायत दर्ज नहीं कराई। जांच एजेंसी ने अपनी पहल पर ही केस दर्ज किया। वकीलों ने 1 मार्च को उसके देश छोड़कर भागने की आशंका जताते हुए उसके पासपोर्ट जब्त करने की मांग की थी, पर इसे नामंजूर कर दिया गया और उसके खिलाफ कोई वारंट न होने के कारण वह भागने में सफल हो गया।

जियो यूजर्स के लिए खुशखबरी, क्रिकेट प्रेमियों को मिलेगा एक बड़ा फायदा, now jio customer get a more language and camera anglen on cricket

जियो यूजर अब श्रीलंका में होने वाली निधास ट्रॉफी में एक नए फ़ीचर उपयोग कर पाएंगे। यूजर्स ये खुद निर्धारित कर सकेंगे कि उन्हें किस ओर से मैच देखना है। वो जिस कैमरे से, जिस एंगल से मैच देखना चाहते हैं, उसका चयन अपने अनुसार कर सकते हैं।
    आकाश अंबानी ने इस बारे में खुद बताया कि जियो टीवी एप पर यूजर्स जिस एंगल, जिस भाषा में चाहे क्रिकेट का मजा ले सकते हैं। इस फीचर से क्रिकेट देखने का अंदाज़ ही बदल जायेगा। इसमें 5 अलग-अलग कैमरा दिए जाएंगे और इसमें हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगू और कन्नड़ जैसीं भाषा का चयन कर सकते हैं। आप मैच की रिकॉर्डिंग, हाइलाइट्स जैसी चीजें भी अपने अनुसार देख सकेंगे।

जानिये किस देश पर कितना कर्ज है और भारत का कौन सा नंबर आता है, Different country loan status

जब हम भारत की अर्थव्यवस्था की बात करते हैं तो उसकी जीडीपी की बात करते है। बहुत से लोग यह जानना भी चाहते हैं कि हमारे देश पर कितना कर्ज है, अगर गणना की जाए तो एक व्यक्ति पर कितना कर्ज आएगा। हमारा देश प्रति व्यक्ति कर्ज के मामले में 24 वें नंबर पर आता है।

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका की है और इस पर भी 18,624,000,000,000 डॉलर का कर्ज है जो भारतीय रुपये में 1,21,28,88,00,00,00,000 के बराबर होती है।

रूस भी दुनिया की 10 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में से एक है और उस पर भी 537,458,000,000 डॉलर का कर्ज है। हम प्रति व्यक्ति कर्ज की बात करें तो 3 हजार 700 डॉलर का कर्ज है जो भारतीय मुद्रा में 24 लाख 880 रुपये के बराबर है।

ब्रिटेन दुनिया की 6वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है इस पर 7,852,460,000,000 डॉलर कर्ज है। यहां पर प्रति व्यक्ति 1लाख 19 हजार डॉलर का कर्ज है, जो 77 लाख 47 हजार भारतीय मुद्रा के बराबर है।

जापान दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है। इस पर 3,516,200,000,000 डॉलर का कर्ज है और यह प्रति व्यक्ति 27 हजार 600 डॉलर के बराबर है, जो कि 27 लाख 96 हजार भारतीय मुद्रा के बराबर होता है।

चीन भी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 1,562,800,000,000 डॉलर का कर्ज है। प्रति व्यक्ति 1 हजार 100 डॉलर यानी कि 71 हजार रुपये के बराबर है।

भारत के इन खंडहरों में आज भी छिपा है बहुमूल्य खजाना, these fort of india have a lots of money hidden

भारतीय भूमि पर कई सदियों पर राजा और महाराजाओं का राज रहा है। ऐतिहासिक किले, महल और दुर्ग भी इन्ही सम्राटों ने बनवाये हैं। यहां पर कई सम्राट ने राज्य किया, कुछ अधिक समय तक शासन कर पाए तो कुछ का शासन कम समय मे ही समाप्त हो गया। राजा-रजवाड़ो की यह भूमि किसी समय अफगानी क्रूरता का शिकार भी हुई है और इसके सबूत आज भी खंडहरों के रूप में मिलते हैं। कुछ शासक अपने विस्तार के लिए लूट- पाट, मार-काट भी करते थे, जिसके फलस्वरूप इनके पास बहुत सारा धन हुआ करता था। भारत को बहुत बार विदेशियों ने लूटा है, वह धन को अपने साथ भी लेकर गए हैं। कुछ शासकों ने धन छुपा भी दिया है। कई राजा और महाराजा भी अपना धन किसी गुप्त जगह पर भी रखते थे, जिससे जरूरत आने पर इसका उपयोग किया जा सके। आज हम उन जगहों के बारे में बताते हैं जिसके बारे में कहा जाता है कि यहाँ पर खजाना गड़ा हुआ है।

नादिर शाह का खजाना- फारस का राजा भारत को जीतने के लिये निकला था। उड़ने काबुल के बाद दिल्ली पर आक्रमण किया। उसने दिल्ली के मुगल बादशाह मुहहम्मद शाह आलम को हराकर दिल्ली पर कब्जा कर लिया। इसके बाद उसने दिल्ली में कत्ले आम शुरू कर दिया था और हजारों निर्दोष लोगों को मार दिया था।नादिर ने बहुत लूटपाट की थी और वह आने साथ बहुत सारी धन-संपदा को साथ ले गया था। वह अपने साथ मयूर सिंहासन और कोहिनूर भी ले गया था। बहुत ज्यादा खजाना होने के करण उसके सैनिकों ने कुछ हिस्सा यहीं छिपा दिया था, जिसका आज तक कोई पता नही लगा पाया।
  गोलकुण्डा का खजाना- गोलकुंडा साउथ इंडिया का सबसे ध्वस्त किला है। इस किले पर कई शासकों ने राज्य किया। यह दुर्ग किसी समय मे बहुमूल्य खजानों के लिए जाना जाता था। यहाँ पर हीरे-मोतियों का बाजार लगता था तथा यहां पर हीरे की खाने भी थी, जहाँ से बहुमूल्य हीरे निकाले जाते थे। दुनिया का सबसे सुंदर हीरा कोहिनूर गोलकुंडा की खान से ही निकला था। इस किले कई आक्रमण होने के कारण यहां की खानों का कोई अस्तित्व नही रह गया है। फिर भी माना जाता है कि अब भी यहाँ बहुत सारा खजाना है।

मगध का खजाना- मगध पर पहले बिम्बिसार का शासन था। बिम्बिसार हर्यक वंश का था, जिसने मगध पर 542 से लेकर 492 ईपूर्व तक राज किया। उसने वैवाहिक संधियों और विजय अभियान के माध्यम से मगध का सम्मान और प्रसिद्धि को बहुत बढ़ाया। उसके पुत्र अजातशत्रु ने सत्ता के लालच में अपने पिता की हत्या कर दी। आज भी बिहार के राजगीर में बिम्बिसार का गुप्त खजाना छिपा हुआ है।

जयगढ़ का खजाना- महाराजा मान सिंह आमेर के राजपूत राजा थे। मान सिंह द्वारा जयगढ़ के किले में युद्ध से जीता हुआ खजाना छुपाया गया था। पर उस जगह का आज तक पता नहीं लग पाया है। मानसिंह मुगल सेना का प्रधान सेनापति भी था। इसने कई राज्यों को जीता कर अधीन कर लिया था। उसने अफगानिस्तान में भी अपनी विजय पताका को लहरा दिया था। जयगढ़ के किले के तहखानों में अरबों-खबरों का खजाना गढ़ा है। यह बात तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा को पता चली तो उन्होंने भी खजाने ढूंढने में कोई कसर न छोड़ी।
   मोक्कम्बिका मंदिर का खजाना- कर्नाटक के कोलूर में स्थित मोक्कम्बिका मंदिर में भी खजाना होने की बातें लोगों के द्वारा कही गई हैं। जानकारों के मुताबिक यहां सांपों के कुछ खास निशान पाए गए हैं। और ऐसा माना जाता है कि सांप खास चीजों की ही रक्षा करते हैं।

कहीं आप भी खाने के तुरंत बाद पानी पीते हैं, यह घातक भी हो सकता है, drinking water quite after eating, it can be harmful

हम खाना खाते समय कई गलतियां करते है और छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जो हमे परेशानी में डाल सकती है। हम अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत पर ध्यान नही देते हैं। खाना खाने के तुरंत बाद हमे पानी नही पीना चाहिए, 30 मिनट पहले या खाने के 40 मिनट देर बाद ही पीना चाहिए। क्योंकि हमारे खाने को पचाने के लिए हमारे शरीर से पाचक रस निकलता है और पानी के मिलने से यह पतला हो जाता है जिससे कब्ज की परेशानी भी हो सकती है। तुरंत पानी पीने से खाना अच्छे से पच नही पाता और गल जाता है, जिससे पौष्टिक तत्व को शरीर अवशोषित नही कर पाता है। इससे ब्लड में शुगर का लेवल भी बढ़ जाता है। खाना खाते ही पानी पीने से पेट के फूलने की दिक्कत भी रह सकती है। इससे कब्ज और कमजोरी भी लगने लगती है। खाना पानी के साथ मिलकर पेट मे उपस्थित एसिड के साथ मिलकर फैट बना लेता है और जिससे मोटापा भी बढ़ जाता है।

मोबाइल से शानदार फ़ोटो लेने का तरीका, how to click best photo from mobile phone

हमारे जिंदगी के कई पल होते हैं जिन्हें हम भूलना नही चाहते हैं, हम ऐसें मौके पर अपने मोबाइल से फ़ोटो क्लिक करना नही भूलते हैं। हम ज्यादातर फ़ोटो भी मोबाइल से ही खींचते हैं। मोबाइल के बारे में सबसे बड़ा भ्रम तो ये है कि फ़ोटो की क्वालिटी सिर्फ मेगापिक्सल से ही डिसाइड की जाती है। जबकि मेगापिक्सल तो सिर्फ कैमरे का एक पार्ट होता है पूरी क्वालिटी उसी पर निर्भर नही करती हैं। जो आजकल के विज्ञापन में हमे दिखाया जाता है कि ये इतने मेगापिक्सल का कैमरा है, इसके अलावा हमे कैमरे की वास्तविक क्वालिटी को जरूर चेक कर लेना चाहिए। दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि हमे फ़ोटो खींचते समय डायरेक्ट एडिटर का यूज़ नही करना चाहिए इससे हमारी फ़ोटो की क्वालिटी बहुत खराब हो जाती है। आमतौर पर लोगो को अपनी फोटो को एडिटर के द्वारा बहुत ज्यादा डार्क या गोरा बना दिया जाता है ऐसीं फ़ोटो देखने मे तो अच्छी लगती हैं पर जब इसे ज़ूम किया जाता है तो सारी पिक्चर फट जाती है और इसे हम इसे दोबारा से एडिट नही कर सकते हैं।
     अपनी फ़ोटो को आप हमेशा नॉर्मल कैमरे से ही खींचे जिससे आप को जरूरत लगे तो बाद में एडिट कर लें तो यह बहुत अच्छा रहेगा और अपने ओरिजिनल फ़ोटो को एक अच्छी याद के तौर पर संभाल कर रख लें। जहाँ पर अच्छा उजाला हो वहां पर फ्लेश लाइट को बंद करके फ़ोटो ले इससे फ़ोटो और अधिक अच्छी आएगी क्योंकि फ्लेश लाइट के ओन होने के बाद कैमरे के कुछ फीचर कम हो जाते हैं और फ़ोटो की क्वालिटी खराब हो जाती है। हमे अपने फोटो का बैकअप जरूर लेना चाहिये, कई बार हमारा मेमोरी कार्ड खराब हो जाता है और उसके खराब होने का सबसे बड़ा दुख हमारे फ़ोटो का ही होता है। कुछ कंपनियां जो भारत मे मोबाइल बेंच रही हैं उनमें नॉर्मल कैमरा नही होता है और वह डायरेक्ट एडिट करके ही फ़ोटो निकलती हैं, जिससे हमें फ़ोटो देखने में ही अच्छी लगती है। हमे एक दूसरे को फ़ोटो शेयर करते समय व्हाट्सएप का उपयोग नही करना चाहिए, इससे भी हमारे फ़ोटो की क्वालिटी खराब हो जाती है और इससे फ़ोटो कंप्रेस हो जाती है। यदि व्हाट्सएप के द्वारा भेजना चाहते हैं तो डॉक्यूमेंट सिलेक्ट करके फ़ोटो को डॉक्यूमेंट के रूप में भेजे इससे फ़ोटो कंप्रेस नही होती है।

साइलेंट हार्ट अटैक से कैसे करें बचाव और जानिए इसके लक्षण, silent heart attack and their cause

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी का दुबई में निधन हो गया, वह 54 वर्ष की थीं। कार्डियक अरेस्ट यानी साइलेंट हार्ट अटैक के कारण उनकी हृदय गति रुक जाने के कारण उनकी मौत हो गई है। कई बार हार्ट की बीमारी नही होने पर भी साइलेंट हार्ट अटैक आ सकता है। पुरुषों को इसकी ज्यादा संभावना रहती है।साइलेंट हार्ट अटैक को साइलेंट मायोकार्डियल इन्फ्रेक्शन भी कहा जाता है। इस प्रकार के हार्ट अटैक में सीने में दर्द का अनुभव नही होता है।

क्यों पता नहीं चलता है हार्ट अटैक के दर्द का- कई बार ब्रेन तक दर्द का अहसास पहुंचाने वाली नसों या स्पाइनल कॉर्ड में प्रॉब्लम के कारण या फिर साइकोलॉजिकल कारणों से व्यक्ति दर्द की पहचान नहीं कर पाता। इसके अलावा ज्यादा उम्र वाले या डायबिटीज के पेशेंट्स में ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी के कारण भी दर्द का अहसास नहीं होता है।

इसके महत्वपूर्ण लक्षण- पेट में खराबी, गैस्ट्रिक प्रॉब्लम, बिना किसी कारण के सुस्ती या कमजोरी का होना, थोड़े से काम में ही थक जाना, ठंडा पसीने का अचानक आना, बार बार सांस फूलना।

हार्ट अटैक के कारण- ज्यादा तेलीय, अधिक फैटी और प्रोसेस्ड फ़ूड खाना, शारीरिक व्यायाम न करना, सिगरेट और शराब पीना, मोटापा और डॉयबिटीज का होना, अधिक तनाव में होना।

इससे कैसें बचा जाए- खाने में अधिक वेजीटेबल और सलाद का उपयोग करना चाहिए, एक्सरसाइज और योगासन करते रहना चाहिए, शराब और सिगरेट जैसें नशे से दूर रहना चाहिए, स्ट्रेस और तनाव नही लें, अपना मेडिकल का चेकअप करवाते रहिये।

चेक से लेनदेन करते हैं, क्या आप जानते हैं चेक पर लिखे नम्बरों का मतलब, number written in cheque, what it means

चेक से सभी लेनदेन तो करतें ही हैं। कभी हमारी सैलरी चेक के रूप में आती है तो कभी बड़ा लेनदेन के लिए चेक पर ही निर्भर रहना पड़ता है। आज हम आपको बताते हैं कि चेक पर नीचे लिखे नम्बरों के क्या मतलब होता है। सभी चेकों के अंत मे चेक नंबर लिखा होता है, जो चार अंको में विभाजित होता है। चेक में अंत मे लिखे 6 अंकों को चेक नंबर कहा जाता है।
   MICR- जिसके बाद 9 अंकों का MICR ( चुम्बकीय स्याही कैरेक्टर रिकॉग्निशन ) कोड होता है। इस कोड के पहले तीन डिजिट बैंक एकाउंट का सिटी कोड को बताते हैं। उदाहरण के लिए बैंगलुरु के लिए 560 होगा, क्योंकि वहां का पिन कोड 560 से ही शुरू होता है। इसके बाद वाला तीन डिजिट बैंक का कोड बताती हैं। जैसें की SBI का 002 HDFC का 240 आखिरी की तीन डिजिट में ब्रांच कोड होता है।

चेक के अंत मे लिखा तीसरा हिस्सा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मेंटेन किया जाता है। ये 6 अंकों का होता है जो बैंक एकाउंट को प्रदर्शित करता है।

चेक की आखिरी डिजिट चेक के प्रकार को बताती हैं।

1 मार्च वे बंद हो जाएगा आपका मोबाइल वॉलेट जल्दी करें eKYC , इसे करने का तरीका जानें, you must done eKYC of your mobile tillc1 march and prevent your account close

रिजर्व बैंक ने 28 फरवरी 2018 तक का समय दिया था. मोबाइल वॉलेट कंपनियों को अपना ईकेवायसी का काम पूरा कर लें, पर लगभग 91 प्रतिसत ग्राहकों ने अभी तक यह पूरा नही किया है जिससे उनके एकाउंट बंद होने के कगार पर हैं। अगर उनके वॉलेट में अधिक पैसा है तो उन्हें और भी परेशानी हो सकती है पैसा इनमें रखा है तो उसे निकाल लें या फिर ईकेवायसी को 1 मार्च से पहले पूरा कर लें। पेटीएम जैसीं कंपनियां समय-समय पर अपने ग्राहकों को ईकेवायसी पूरा करने के लिए सूचित करती रहीं हैं। ईकेवायसी के लिए यूजर को आधार कार्ड और पैन कार्ड का सत्यापन करवाना होता है।
   कैसें करें ई केवायसी- सबसे पहले वालेट एप्प पर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। इससे एप्प के होम पेज पर ही केवायसी या एकाउंट अपग्रेड का ऑप्शन मिलेगा, जिस पर क्लिक करने के बाद आधार नंबर डालने को कहा जायेगा और फिर आगे के लिए प्रोसीड करें। इसके बाद हमें नियरबाई का ऑप्शन मिलेगा, जिस पर हमें अपने पास स्थित दुकान या ऑथोराइज़्ड स्टोर का पता मिल जएगा। आप यह करते समय अपना जीपीएस जरूर ओन कर लें जिससे हमारी लोकेशन के पास का स्टोर हमे पता चल सके। जिसके बाद हमे अपना पैनकार्ड और आधार कार्ड दिखाकर अपना सत्यापन पूरा करना है। उसके बाद हम अपने वॉलेट में 1 लाख तक कि राशि जमा कर सकते हैं। कुछ कंपनियां तो इस पर 4 परसेंट का ब्याज भी देती हैं।

अब जुलाई से 13 अंको के मोबाइल नंबर होंगे, क्या होगा आपके पुराने नंबर का जानें, mobile number will be 13 disit very soon

अभी हम सबके मोबाइल नंबर 10 डिजिट के होते हैं और जुलाई के बाद ये 13 अंको के होने वाले हैं। इसका फैसला डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने लिया है। रिपोर्ट के अनुसार 10 अंको के नंबर में और ज्यादा नंबर की सीरीज नही निकाली जा सकती हैं। नई व्यवस्था के अंतर्गत यह माइग्रेशन का काम अक्टूबर से शुरू हो जएगा। यह काम 31 दिसम्बर 2018 तक पूरा हो जएगा, पर इस बारे में अभी यह नही बताया है कि इसे कैसे पूरा किया जएगा।
   इसके अनुसार मोबाइल कंपनियों को भी कहा गया है कि वे सॉफ्टवेयर में बदलाव करें ताकि लोगो को 13 अंको के सिमकार्ड से परेशानी न हो। मोबाइल नंबर के 13 अंको के होने से थोड़ी परेशानी जरूर हो सकती है। जैसें की अपने बैंक एवं अन्य ऑफिशियल कामों में दिए गए नंबर को भी चेंज करना पड़ेगा।

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अब किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में अपनी अपॉइन्ट्मेन्ट बुक करें, easy step to book your oppoinment in hospital

अब किसी भी अस्पताल में ओपीडी बुक करना, लैब रिपोर्ट लेना, ब्लड की उपलब्धता जैसी सुविधाओं को ऑनलाइन और सरल तरीके से चेक कर सकते हैं। ओआरएस आधार आधारित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और अपॉइन्ट्मेन्ट लेने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो देश भर में विभिन्न अस्पतालों को जोड़ने का कार्य करता है। ORS गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ओपीडी के अपॉइन्ट्मेन्ट के लिए ऑनलाइन पोर्टल है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें रोगियों को लम्बी लाइन से छुटकारा मिल जाता है। पोर्टल आधार कार्ड के ईकेवाईसी डेटा का उपयोग करके विभिन्न अस्पतालों के विभिन्न विभागों के साथ ऑनलाइन अपॉइन्ट्मेन्ट की सुविधा प्रदान करता है, यदि मरीज का मोबाइल नंबर यूआईडीएआई के साथ पंजीकृत है और अगर मोबाइल नंबर यूआईडीएआई के साथ पंजीकृत नहीं है तो रोगी का नाम उपयोग किया जाएगा।
  नए रोगी को अपॉइन्ट्मेन्ट के साथ स्वास्थ्य पहचान (यूएचआईडी) नंबर भी मिलेगा। अगर आधार नंबर पहले ही यूएचआईडी नंबर से जुड़ी हुई है, तो बस अपॉइन्ट्मेन्ट नंबर दिया जाएगा और यूएचआईडी एक समान रहेगी। इन सब के लिए आप आधार नंबर से पहचान को वैरीफाई करवाकर हॉस्पिटल का चयन करके, डिपार्टमेंट (जिसमें हमे इलाज करवाना है ), अप्पोइन्मेंट की डेट सिलेक्ट करना है। यदि आपके पास रोगी का आधार नंबर है और रोगी का मोबाइल नंबर यूआईडीएआई के साथ पंजीकृत है, तो यूआईडीएआई द्वारा एसएमएस के द्वारा आधार धारक को वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आएगा। जिसके बाद हमे एसएमएस के द्वारा अपॉइन्ट्मेन्ट का मैसेज आ जायेगा।

इन तीन तरीकों से हम अपॉइन्ट्मेन्ट बुक कर सकते हैं। नए रोगियों का आधार नंबर ( रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ ) होना चाहिए। यदि रोगी के पास आधार कार्ड तो है पर उसमें मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नही है तो उसके लिए आधार कार्ड पर दिया हुआ नाम याद होना चाहिए। वैरिफिकेशन के बाद अन्य जानकारी डालनी होगी। यदि रोगी के पास आधार नंबर नहीं है तो पर्सनल मोबाइल नंबर, नाम, पिता का नाम, मां का नाम आदि दर्ज करने की आवश्यकता होती है।

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व्हाट्सएप करो, अब व्हाट्सएप से मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे, you can transfer money from whatsapp

UPI पर आधारित व्हाट्सएप पेमेंट अब धीरे-धीरे भारत में आ रहा है। बहुत जल्दी देश के 20 करोड़ यूजर तक यह सुविधा पहुँच जाएगी। इस तरह से अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को चैट बॉक्स में ही जाकर पैसे भेज और मंगा सकते हैं। व्हाट्सएप पैमेंट UPI के अलावा एसबीआई, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक सहित लगभग 70 बैंकों को सपोर्ट करता है। अगर आप इस फीचर का पहली बार उपयोग कर रहे हैं तो एक बार जांच लीजिये की आपका व्हाट्सएप अपग्रेड है या नही और अपग्रेड नही है तो प्ले स्टोर पर जाकर पहले इसे अपडेट कर लें। व्हाट्सएप का यह फीचर एंड्रॉयड 2.18.46 पर मिलेगा। अभी यह आईओएस यूजर को उपलब्ध नही है, लेकिन जल्दी ही उन्हें भी उपलब्ध हो जाएगा। यूजर के चैट बॉक्स में जाकर, किसी कांटेक्ट में अटैचमेंट पर क्लिक कीजिए और पेमेंट पर जाइये। पेमेंट का विकल्प आते ही यूजर को यूपीआई के साथ सुरक्षित धन भेजने का विकल्प मिल जाएगा।
   पेमेंट भेजने और प्राप्त करने के लिए यूजर को एक्सेप्ट और कंटिन्यू पर क्लिक करना होगा। यहां नियम और शर्तों को स्वीकार करते हुए अपना बैंक चुनना होगा, एकाउंट डिटेल भरनी होगी और उसके बाद आप आगे वैरीफिकेशन sms का विकल्प चुनेगें और सेंड बटन पर टैब करेंगे। अब एसएमएस आएगा और अपना ओटीपी डालना होगा। अगर आपके बैंक से यूपीआई अटैच है तो एसएमएस के द्वारा अगला स्टेप आएगा।अगर यूपीआई एकाउंट लिंक नही है तो यूजर को यूपीआई पिन जेनरेट करना होगा। इसमें हमे यह बात भी ध्यान रखना होगा कि बैंक से लिंक मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप नंबर एक ही होना चाहिए। आप सीधे पेमेंट ओप्शन पर जाकर बैंक एकाउंट चुनिए, राशि तय कीजिए और यूपीआई पिन भरकर सेंड बटन पर क्लिक कर दीजिए और इस तरह से व्हाट्सएप से पैसे भेजे और प्राप्त किये जा सकते हैं।

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