अगर अधिक लाभ चाहिए तो अपने EPF के पैसे को NPS में कर दीजिए ट्रांसफर, जानें क्या है तरीका



नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) भारत सरकार द्वारा शुरू की गयी एक पेंशन-योजना है। एनपीएस एक प्रकार की पेंशन कम इन्वेस्टमेंट स्कीम है जो कि बाजार आधारित रिटर्न की गारंटी देती है। नेशनल पेंशन सिस्‍टम आपको रिटायरमेंट के लिए फंड जोड़ने में मुख्य भूमिका निभाता है।
जहां तक इनकम टैक्‍स में लाभ की बात है तो आयकर अधिनियम की धारा 80सी के द्वारा आप 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का लाभ ले सकते हैं।
एनपीएस अब EEE कैटेगरी में आ गया है। इसका अर्थ यह है कि निवेश के पैसे, मिलने वाले ब्याज और मैच्‍योरिटी पर प्राप्‍त होने वाले पैसों इन तीनों पर कोई इनकम टैक्‍स नहीं लगेगा।
इसमें अतिरिक्‍त 50,000 रुपये तक की कटौती का लाभ भी ले सकते हैं।
इसके अलावा अगर आप अपने रिटायरमेंट के लिए जोड़े जा रहे फंड पर और भी ज्‍यादा रिटर्न प्राप्‍त करना चाहते हैं तो आप अपने एंप्‍लॉई प्रोविडेंट फंड यानि कि EPF को नेशनल पेंशन सिस्‍टम में ट्रांसफर भी कर सकते हैं।

क्या है EPF को NPS में ट्रांसफर करने तरीका- अगर आप अपने EPF फंड को NPS में ट्रांसफर करना चाहते हैं तो आपके पास एक एक्टिव टियर-1 एकाउंट NPS का होना ही चाहिए। आप चाहे तो e-NPS पोर्टल पर जाकर अपना NPS एकाउंट खोल सकते हैं। NPS का एकाउंट खुलवाने के लिए आप npstrust.org.in पर जा सकते हैं।
एनपीएस में खाता खुलने के बाद PF ट्रांसफर के लिए करें आवेदन- जब आपका NPS एकाउंट खुल जाए तो आप EPF ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकते हैं। जब आपका आवेदन प्राप्‍त होगा तो पीएफ फंड एकाउंट के पैसे को NPS में ट्रांसफर करने की शुरुआत करेगा। इसके बाद एक चेक या ड्राफ्ट एनपीएस के नोडल ऑफिस के नाम जारी किया जाएगा।
ट्रांसफर होने के बाद नियोक्‍ता के पास जाएगी चिट्ठी- जब आपका ट्रांसफर का काम हो जाएगा तो प्रोविडेंट फंड नियोक्‍ता को लेटर के द्वारा यह सूचित करेगा कि खाते की राशि कर्मचारी के NPS के टियर-1 एकाउंट में ट्रांसफर किया जा रहा है। इसके बाद नोडल ऑफिस कर्मचारी के टियर-1 एकाउंट में पैसे अपडेट कर देगा।

स्मार्टफोन की बैटरी को जल्दी खत्म करते हैं ये 10 पॉप्युलर ऐप्स

स्मार्टफोन्स के आने के बाद मार्केट में हर दिन तरह-तरह के ऐप्स लॉन्च होते रहते हैं। इनमें से कई ऐप्स बहुत काम के होते हैं। कुछ ऐप्स हमारे जीवन को आसान बनाते हैं, तो कुछ आपके मनोरंजन के काम आते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इनमें से कई ऐप्स ऐसे भी होते हैं जो बहुत ही अधिक खर्च बैटरी खर्च करते हैं? इनमें शॉपिंग ऐप्स से लेकर गेमिंग ऐप्स, सोशल मीडिया ऐप्स से लेकर वेदर ऐंड क्लॉक विजेट तक शामिल हैं।

आज हम आपको बताते हैं ऐसे 10 ऐप्स के बारे में जो आपके स्मार्टफोन की बैटरी को तेजी से सोखते हैं.

1. Candy Crush Saga:

2. Pet Rescue Saga:
कैंडी क्रश की तरह पेट रेस्क्यू सागा भी एक बहुत लोकप्रिय गेमिंग ऐप है। यह गेम खेलने पर भी आपके स्मार्टफोन की बैटरी के साथ-साथ डेटा जल्दी खर्च होता है।

3. Google Play Services:
यह ऐप कई सारे स्मार्टफोन में पहले से ही उपस्थित होता है। परन्तु यह ऐप भी बहुत ज्यादा बैटरी पावर कंज्यूम करता है। इसलिए यदि आप यह ऐप उपयोग नही करते हों तो अच्छा यही होगा कि इस ऐप को अपने स्मार्टफोन से हटा दें।

4. Clash of Clans:
क्लैश ऑफ क्लान्स भी एक गेमिंग ऐप है। यह वॉर गेमिंग ऐप बहुत तेजी से बैटरी खर्च करता है। इस तरह से आप भले ही इस गेम में लड़ाई जीत लें लेकिन आपकी बैटरी जरूर खत्म हो सकती है।
5. Facebook:
अधिकतर लोगों के स्मार्टफोन में फेसबुक का ऐप  होता है। दुनिया की इस सबसे लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग साइट का ऐप बैटरी खर्च के मामले में भी बहुत आगे है।

6. OLX:
पुराने सामानों की खरीदारी और बिक्री के मामले में यह एप्प काफी चर्चित है। लेकिन यह भी एक सत्य है कि यह आपकी बैटरी को भी काफी तेजी से खर्च करता है।
7. WhatsApp:
दुनिया के इस सबसे पॉप्युलर चैटिंग ऐप में भी यह कमी है कि बैटरी खर्च करने के मामले में भी यह बहुत आगे है।
8. Lookout Security & Antivirus:
यह एक मोबाइल सिक्यॉरिटी ऐप है लेकिन बैटरी कंज्यूम करने के मामले में यह ऐप भी बहुत आगे है। हो सकता है कि यह आपके स्मार्टफोन को सेफ रखने में आपकी मदद करता हो, लेकिन यह ऐप एक तरह से आपकी बैटरी भी अधिक ही खर्च करता है।
9. Android weather & clock widget:
हो सकता है इस विजेट को लिस्ट में देखकर आपको विश्वास न हो, लेकिन यह सच है। ऐंड्रॉयड वेदर ऐंड क्लॉक विजेट भी बैटरी खर्च करने के मामले में बहुत आगे है।
10. Solitaire:
Solitaire (ताशों की गद्दी) यह आपके  टाइमपास करने में मदद करता हो, लेकिन यह आपकी बैटरी को भी काफी तेजी से खर्च करता है।

क्या करें जब बच्चा कोई चीज निगल ले,

जिन लोगों के घरों में छोटे बच्चे होते हैं उन पर जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती है। आपको बच्चों का हर समय ध्यान रखना पड़ता है तथा हमेशा उनके साथ रहना पड़ता है। आपको उन की गतिविधियों पर भी नजर रखनी पड़ती है कि कहीं वे किसी चीज से स्वयं को चोट या किसी और तरह का नुकसान न पहुंचा लें। छोटे बच्चे अपने अच्छा और बुरा नहीं समझते इसलिए वे कई बार ऐसीं भूल कर बैठते हैं जिससे उन्हें ही नुकसान पहुंचता है। आपने कई बार देखा होगा कि छोटे बच्चे कई बार चीजें निगल लेते हैं। बच्चा यह नहीं जानता कि वह चीज क्या है तथा उसके लिए नुकसान कर सकती है या नहीं बल्कि बह हर चीज को अपने मुंह में डालने की कोशिश करते है तथा ऐसा करने से तब परेशानी हो जाती है जब वह बच्चा कोई ठोस निगल लेता है और वह अंदर जाकर अटक जाती है। अगर ऐसा होता है तो ऐसी स्थिती में न तो बच्चे को कुछ खाने को न दें और ना ही उसे उल्टी करवाएं क्योंकि ऐसी स्थिति में बच्चे की सांसे रुक सकती है। इसलिए ऐसी स्थिती में बच्चे को जल्दी से जल्दी डॉक्टर के पास ले जाएं। जिससे एक्स-रे के द्वारा उस बस्तु की स्थिती का पता चल सके तथा उसका उचित इलाज किया जा सके तथा डॉक्टर की बताई गई सलाह के उनुसार ही उस चीज को बाहर निकालें।
बहुत छोटी चीजें बच्चे के मल से एक दो दिन में बाहर निकल जाती हैं इसलिए हर बार उसके मल की जांच कर लें। बच्चे को आगे की ओर झुकाएं और फिर उसकी पीठ पर 5 बार ठोंके। 5 बार सीने पर दो उंगुलियों से हल्का दबाव डालें। इस प्रक्रिया को 2-3 बार दोहराए। इससे कफ बनेगा और निगली वस्तु बाहर आ जाएगी। मुंह में कुछ फंस जाए तो बच्चे के पेट के ऊपरी भाग को दोनों हाथों से कसकर पकड़ें। उसको झटका देकर ऊपर की ओर उठाए।

तेज खांसी होना गले में कुछ फंसे होने का संकेत देता है। ऐसे में खांसते रहे जब तक कफ न बन जाएं। ऐसे निगली वस्तु बाहर आ जाएगी। बच्चा नीला पड़ जाए और उसे सांस लेने में परेशानी हो रही है तो सांस नली में कुछ फसा है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

How to avoid problem of dandruff, बालों के डैंड्रफ से छुटकारा पाना है तो अपनाएं ये घरेलू टिप्स

गर्मी, प्रदूषण और केमिकल वाले हेयर प्रोडक्ट्स के कारण हमें बालों से जुड़ी समस्याएं सामना करना पड़ रहा है। बालों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों के अभाव के कारण बालों का गिरना, डैंड्रफ और सिर में खुजली जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे में हम चाहें तो बाजार में उपलब्ध केमिकलयुक्त हेयर प्रोडक्ट्स को छोड़कर प्राकृतिक पोषक तत्वों से युक्त औषधियों से इस समस्या का समाधान कर सकते हैं। इससे बालों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता और बाल स्वस्थ, घने और आकर्षक भी बनते हैं। नींबू विटामिन सी का प्रचुर स्रोत होता है, इसके अलावा इसमें साइट्रिक एसिड, फ्लेवोनॉयड, विटामिन्स, पोटेशियम, आयरन और कॉपर भी उच्च मात्रा में पाए जाते हैं जो डैंड्रफ की समस्या को कम करने के साथ-साथ बालों को स्वस्थ भी रखने में मदद करते हैं। आज हम आपको नींबू से बनने वाले कुछ हेयर मास्क के बारे में आपको बताते हैं।

नारियल का तेल और नींबू- 2 चम्मच नींबू के रस में 1 चम्मच हल्का गर्म नारियल तेल मिलाएं। इससे अपने स्कैल्प और बालों पर मसाज करें। अब 15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर फिर माइल्ड शैंपू से धो लें। अच्छे परिणाम के लिए सप्ताह में 3-4 बार इसका उपयोग करें।

लहसून और नींबू - 2 चम्मच लहसून के पाउडर को 1 चम्मच नींबू के रस के साथ मिलाएं और फिर स्कैल्प पर अच्छी तरह मसाज करें। अब 30 मिनट छोड़ दें और हर्बल शैंपू से धो लें।

नीम और नींबू- नीम के पत्तो को अच्छी तरह पीस लें और उसके रस को नींबू के रस के साथ मिलाएं। इस मिश्रण को स्कैल्प पर अच्छी तरह मसाज करें और 30 मिनट तक छोड़ दें। अब शैंपू से धो लें।

मेथी और नींबू- 1 चम्मच मेथी का पाउडर और 1 चम्मच नींबू के रस का पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को स्कैल्प पर लगाकर 20 मिनट तक छोड़ दें और फिर पानी से अच्छी तरह धो लें।

अंडा और नींबू – अंडा और नींबू के रस को बालों और स्कैल्प पर लगाकर 15 से 20 मिनट तक छोड़ दें और पिर माइल्ड शैंपू से धो लें।

One application can done many work, गागर में सागर भरने का काम कर रही है यह एप्पलीकेशन, इससे क्या-क्या कर सकते हैं यह भी जाने

आजकल हर काम घर बैठे ही होने लगा है। अब हर कोई खाना भी फोन से ही मंगवाने लगे हैं। आज हम आप को ऐसी ऐप के बारे में बता रहे हैं जिससे आप अपने जरूरी काम मिनटों में कर सकते हो। इस एप के द्वारा कई प्रकार की सरकारी सेवाओं का फायदा उठा सकते हो। इस ऐप का नाम उमंग हैं। इससे आप अपने पीएफ अकाउंट का बैलेस तक जान सकते हैं, इससे आप पैन कार्ड के लिए भी अप्लाई कर सकतें हैं। इस प्रोसेस के लिए आपको अपने आधार कार्ड का नंबर देना होगा। अगर पहले से ही पैन कार्ड के लिए अप्लाई कर चुके हो तो इससे उसका स्टेटस भी चैक कर सकते हैं। इस ऐप से अपने पीएफ अकाउण्ट का भी बैलेस जान सकते है और निकाल भी सकते हैं।
यह ऐप आईओएस, एंड्राॅयड, विंडोज फोन पर उपलब्ध हैं। एनड्राॅयड यूजर्स तो प्ले स्टोर से इस ऐप को आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप आप बिजली का बिल भी भर सकते हैं। एचपी, इंडेन और भारत गैस भी इस एप के द्वारा गैस बुक कर सकते हैं। इस एप के द्वारा दो सिलेंडर के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के द्वारा इस पर स्वयं को रजिस्टर कर सकते हैं, जिससे की आप को नौकरी भी मिल सकती हैं। इस ऐप के द्वारा जीवन प्रमाण भी बना सकते हैं। इसके अलावा भी इससे आप कई प्रकार का सेवाओ का लाभ उठा सकते हैं।
उमंग ऐप के द्वारा किन-किन सर्विस का फायदा उठा सकते है- उमंग एप से आप लगभग सभी सरकारी सेवाओं का फायदा उठा सकते हैं, यह डिजिटल भारत का ही एक हिस्सा हैं। इसके द्वारा आप घर बैठे ही अपने कई तरह के जरूरी काम पूरा कर सकते हैं, जिससे की आपको कार्यालयों के चक्कर नही काटने पड़ेगे। आपका काम भी जल्दी ही हो जायेगा। आप को कोई असुविधा का भी सामना नही करना पड़ेगा। हम आपको बतायेगे की उमंग ऐप से आप कौन-कौन से काम कर सकते हो। इस ऐप को आप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हो।

पीएफ बैलेस- इस ऐप के द्वारा हम अपने पीएफ अकाउंट का बैलेस जान सकते हैं। इसके द्वारा आप पीएफ का पैसा भी निकाल सकते हैं। इसके द्वारा क्लेम को भी ट्रैक किया जा सकता है। आपनी पेंशन निकालने का काम भी इसी ऐप के द्वारा किया जा सकता है। इससे आप आधार को भी अपडेट कर सकते हैं।

पैन कार्ड के लिए अप्लाई करें- इस ऐप के द्वारा आप पैन कार्ड के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आप को अपने आधार कार्ड नंबर देना होगा। अगर आप पहले से ही पैन कार्ड के लिए अप्लाई कर चुके हो तो, पैनकार्ड का स्टेटस भी चैक कर सकते है।

Government give 60 lack rupees for business सरकार दे रही बिजनेस के लिए 60 लाख रुपये की सब्सिडी, जानें किस पर कितनी सब्सिडी मिल रही है

बेरोजगारी की समस्‍या से निपटने के लिए सरकार लोगों को खुद का रोजगार के लिए प्रेरित कर रही है। इसके लिए सरकार कई प्रकार की योजनाएं चलाकर बिजनेस को सपोर्ट कर रही है। सरकार अलग-अलग विभागों के माध्‍यम से व्यापार के लिए कई तरह की सब्सिडी स्‍कीम चला रही है, जिससे व्यापार करने वालों को पैसों की मदद हो जाती है। अगर आप भी कोई बिजनेस करना चाहते हैं तो हम सरकार की 5 ऐसी बड़ी स्‍कीम की जानकारी देंगे, जिनके के माध्‍यम से आप 10 से लेकर 75 प्रतिसत तक सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं।
लोन के साथ लें सब्सिडी- अगर आप कोई सर्विस सेक्‍टर का बिजनेस शुरू कर रहे हैं तो सरकार आपको 10 लाख रुपए का लोन देती है और यदि आप कोई मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर का बिजनेस करना चाहते हैं तो 25 लाख रुपए तक का लोन प्रदान करती है। प्रधानमंत्री इम्‍प्‍लॉयमेंट जनरेशन प्रोग्राम के द्वारा सरकार आपको 15 से 35 प्रतिसत की सब्सिडी देती है। आप शहरी क्षेत्र में बिजनेस करते हैं तो आपको 15 प्रतिसत और ग्रामीण क्षेत्र में बिजनेस करते हैं तो 25 प्रतिसत और स्‍पेशल कैटेगिरी (एससी-एसटी-ओबीसी, अल्‍पसंख्‍यक, महिला, एक्‍ससर्विसमेन, हैंडीकेप्‍ड, नार्थ ईस्‍ट रीजन, हिल और बॉर्डर एरिया में रहते हैं) को 35 प्रतिसत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है।

40 से 60 लाख तक ले सकते हैं- सब्सिडी अगर आप ऑर्गनिक का फार्मिंग बिजनेस शुरू कर रहे हैं तो आपको 60 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है। यह सब्सिडी नाबार्ड के द्वारा मिलती है। अगर आप बायोफर्टिलाइजर या बायोपेस्टिसाइड की यूनिट लगाना चाहते हैं तो आपको कुल प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट पर 25 प्रतिसत जो अधिकतम 40 लाख रुपए हो सकती है की सब्सिडी प्रदान की जाती है। फ्रूट एंड बेजिटेबल वेस्‍ट कम्‍पोस्‍ट यूनिट लगाने पर लागत का 33 प्रतिसत (अधिकतम 60 लाख रुपए) सब्सिडी प्रदान की जाती है। एसबीआई बैंक भी आपको लोन देती है। बायो फर्टिलाइजर यूनिट के लिए आपको 25 से 33 प्रतिसत अपना पैसा लगाना होगा, और 25 प्रतिसत सब्सिडी मिल जाएगी और 42 से 50 प्रतिसत एसबीआई आपको लोन के रूप में दे देगा। अगर आप फ्रूट एंड बेजिटेबल वेस्‍ट कम्‍पोस्‍ट यूनिट लगवाते हैं तो हमे 34 से 42 प्रतिसत तक एसबीआई लोन प्रदान करता है। एसबीआई की यह योजना में इस लिंक (www.sbi.co.in/portal/web/agriculture-banking/capital-investment-subsidy-स्कीम) पर जानकारी उपलब्ध है।
डेयरी फार्मिंग के लिए 25 फीसदी सब्सिडी- अगर आप दो से लेकर 10 पशुओं की डेयरी खोलकर छोटा व्यापार शुरू कर रहे हैं तो नाबार्ड की ओर से आपको 25 प्रतिसत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है। नाबार्ड की इस स्कीम के अनुसार यदि 10 पशुओं, जिसमें क्रॉसब्रिड गाय या साहीवाल, रेड सिंधी, गीर, राठी आदि ग्रेड का बैल शामिल है इनके साथ डेयरी खोलना चाहते हैं तो आपका इन्‍वेस्‍टमेंट 5 लाख का होगा, जिस पर आपको 1.25 लाख रुपए तक की सब्सिडी मिल जाती है। एससी-एसटी के किसान को 33 (1.67 लाख रुपए) की सब्सिडी मिम जाती है। यदि आप केवल 2 पशुओं के साथ डेयरी फार्मिंग शुरू करते हैं तो आपको 25 हजार रुपए की सब्सिडी मिल जाती है।
इस बिजनेस पर मिलेगी 50 फीसदी तक सब्सिडी- अगर आप हॉर्टिकल्‍चर का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो सरकार की ओर से आपको 50 प्रतिसत तक की सब्सिडी मिलती है। नेशनल हॉर्टिकल्‍चर बोर्ड द्वारा कॉमर्शियल हॉर्टिकल्‍चर स्‍कीम के द्वारा अगर आप पोस्‍ट हारवेस्‍ट मैनेजमेंट कम्‍पोनेंट एवं प्राइमरी प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कर रहे हैं तो आपको प्रोजेक्‍ट कॉस्‍ट का 40 प्रतिसत मतलब की अधिकतम 30 लाख रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है। अगर यह प्रोजेक्‍ट नॉर्थ ईस्‍ट क्षेत्र में लगाया जाता है तो 50 प्रतिसत मतलब 37.50 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है।

कोल्‍ड चेन खोलने पर मिलती है सब्सिडी- मिनिस्‍ट्री ऑफ फूड प्रोसेसिंग इंडस्‍ट्री की ओर से कोल्‍ड चेन के लिए भी सब्सिडी की योजना चलाई जाती है। कोल्‍ड चेन यूनिट में मिल्‍क प्रोडक्‍ट्स, वेजिटेबल और फ्रूट को खराब होने से बचाने के लिए सुरक्षित रखते हैं। यह प्रोजेक्‍ट महंगा होता है, लेकिन कोल्‍ड चेन सब्सिडी स्‍कीम के द्वारा इस प्रोजेक्‍ट को केवल लोन प्रदान किया जाता है और साथ ही सामान्‍य इलाकों में प्‍लांट एंड मशीनरी की कुल लागत का 50 प्रतिसत और नॉर्थ ईस्‍ट व मुश्किल भरे क्षेत्र में 75 प्रतिसत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है।

Rajasthan nirman shramik sulabh yona and get 5 lakh ruppes for housing, अब आवास योजना के लिए मिलेंगे 5 लाख रुपये, निर्माण श्रमिक सुलभ आवास योजना में करें आवेदन

यह योजना राजस्थान के नागरिकों के लिए है। आज भी हमारे देश में ऐसे बहुत से ऐसे परिवार हैं जिनके पास स्वयं का घर होने का सपना अभी सपना ही बना हुआ है। कई परिवारों की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपना स्वयं का मकान बना सके। कुछ परिवार झोपड़पट्टियों में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं और जिनमे से बहुत से परिवार फुटपाथ पर जीवन व्यतीत करने के लिए मजबूर हैं। सरकार ऐसे परिवारों के लिए कई प्रकार की योजनाओं के द्वारा मदद करती रहती है। ऐसे ही गरीब परिवारों के अपने खुद के घर का सपना सच करने के लिए राजस्थान सरकार राजस्थान निर्मल श्रमिक सुलभ आवास योजना का संचालन कर रही है। इस योजना के द्वारा ऐसे गरीब झोपड़पट्टियों और फुटपाथों पर निवास करने वाले श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाती है। और इसका उपयोग करके ऐसे नागरिक अपना स्वयं का घर बना सकते हैं और वह अपने घर के सपने को साकार कर सकते हैं। इस योजना का लाभ ऐसे नागरिकों को दिया जाएगा, जिनके पास रहने के लिए स्वयं का घर नहीं है या वे झोपड़पट्टियों में रहते हैं। ऐसे नागरिकों को संनिर्माण श्रमिक कल्याण मंडल द्वारा सुलभ आवास योजना के अंतर्गत ₹150000 तक की सहायता की जाती है। जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना में कोई राशि नहीं मिली है और मंडल के सुलभ आवास योजना के लिए पात्र हैं उनके लिए 1.5 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस योजना के अनुसार ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक भी शामिल किए जाएंगे जो हाउसिंग बोर्ड से आवंटित भूखंड पर लोन लेकर मकान बना रहे हैं या बोर्ड द्वारा बना कर दिए गए मकानों का भुगतान कर रहे हैं।

इस योजना के लाभ- इस योजना के अनुसार खुद की भूमि पर मकान बनाने के लिए निर्माण करने के लिए अधिकतम ₹500000 तक की राशि दी जाती है। हाउसिंग फॉर आल अर्बन मिशन या सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग योजना अथवा मुख्यमंत्री जन आवास योजना यह केंद्र राज्य सरकार की अन्य किसी आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को मंडल द्वारा अधिकतम ₹150000 तक की राशि दी जाती है।

पात्रता के लिए मापदंड- इस योजना का लाभ BPL परिवारों को दिया जाएगा।

अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोगों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

इस योजना के द्वारा विशेष योग्यजन को भी लाभ प्रदान किया जाएगा।

इस योजना के द्वारा केवल दो पुत्रियों वाले परिवारों को लाभ दिया जाएगा।

इस योजना का लाभ पालनहार योजना में आने वाली महिला परिवार भी ले सकते हैं।

एक से अधिक वर्षों जैसे 2, 3 , 4 वर्षों से मंडल पंजीकृत लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाती है।

योजना के लिए आवेदन करने वाले नागरिक को मंडल में कम से कम 1 वर्ष से हिताधिकारी के रूप में पंजीकृत श्रमिक होना चाहिए।

यदि आवेदनकर्ता अपने स्वयं की भूमि पर आवास बनाता है, तो वह भूमि उसके नाम पर या उसके पति पत्नी के नाम पर होना जरूरी है।

वित्तीय संस्थाओं, बैंकों से ऋण लेने, स्वयं की बचत व या अन्य स्रोत से ऋण लेकर आवास का निर्माण स्थित करने और अनुमानित निर्माण लागत का प्रामाणिक पंचायत / नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता से प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा।

यदि भूखंड के लाभार्थी अथवा उसके पति पत्नी या पुत्र पुत्री के नाम पर मालिकाना हक में पहले से ही किसी एक को आवास का लाभ दिया जा चुका है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

इसके लिए आवश्यक प्रमाण पत्र- BPL कार्ड, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए जात प्रमाणपत्र, विशेष योग्यजन में प्रमाण पत्र अथवा स्व प्रमाणित प्रति, पालनहार योजना के अंतर्गत आने वाले महिला / परिवार प्रमाण पत्र, केवल दो पुत्रियां हो तो इस आशय के प्रमाण पत्र, वार्षिक आय का प्रमाण पत्र, भूखंड पर स्वयं अथवा पति-पत्नी का मालिकाना हक होने पर आवश्यक दस्तावेज,

प्लाट भूकंप भूखंड किसी भी प्रकार के विवाद से मुक्त होना चाहिए, इसके लिए राजस्व अधिकारी से प्राप्त किया हुआ संबंधित प्रमाण पत्र, किसी वित्तीय संस्था/ बैंक से आवास ऋण लेकर आवास का निर्माण करने की स्थिति में वित्तीय बैंक अथवा संस्था से जारी है के द्वारा स्वीकृत प्रमाण पत्र, हिताधिकारी पंजीयन, परिचय का कार्ड, भामाशाह परिवार का कार्ड

आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति।

इस योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको राजस्थान निर्माण श्रमिकों आवास योजना का फार्म की जरूरत होगी। आप चाहें तो विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट से फार्म डाउनलोड कर सकते हैं। आप इस वेबसाइट bocw.labour.rajasthan.gov.in/ पर भी जा सकते हैं।

वेबसाइट पर पहुंचने के पश्चात आपको नीचे फार्म डाउनलोड करने का विकल्प मिलेगा।

डाउनलोड किए हुए फार्म में सभी जानकारी को सही भरना होगा। इसके साथ सभी आवश्यक प्रमाण पत्रों की कॉपी भी साथ मे लगानी होगी। इसके बाद आपको संबंधित विभाग में जमा करना होगा। जिसके पश्चात आपके आवेदन फार्म की जांच की जाएगी और योग्य होने पर आपको इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।

How to get 30 thousand rupees , apply uttar pradesh kanya vidhya dhan scheam, अब लड़कियों को मिलेंगे 30 हजार रुपये, प्रदेश की कन्या विद्या धन योजना में आवेदन करें

यह योजना उत्तरप्रदेश के नागरिकों के लिए है। बहुत से गरीब पैसों की कमी के कारण अपनी लड़कियों को नहीं पढ़ा पाते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार भी बहुत सारी सरकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। इस बार उत्तर प्रदेश की सरकार ने कन्या विद्या धन योजना की शुरुआत की है। यह एक बहुत अच्छी शुरुआत है। उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की है जो भी लड़कियां 12वीं पास करेंगी और मेरिट में आएंगी, उन्हें 30000 की राशि दी जाएगी जिससे कि वह अपने आगे की शिक्षा को जारी रख सके और अपने उद्देश्य को पूरा कर सके। यह योजना लड़कियों को आगे बढ़ाने के लिए शुरू कर दी गई है। इस योजना के द्वारा गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपनी लड़की को मिलने वाली 30000 रुपये की राशि के सहयोग से पढ़ा सकेंगे। यह एक बहुत ही अच्छी योजना है जो लड़कियों को आगे लेकर आने में सहायक होगी।

कन्या विद्या धन योजना क्या है- उत्तर प्रदेश कन्या विद्या धन योजना लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए है। कन्या विद्याधन योजना का लाभ गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली लड़कियों को मिलेगा। कन्या विद्याधन योजना का लाभ 12वी उत्तीर्ण करने वाली लड़कियों को मिलेगा जो मैरिट में आएंगी।

इससे होने वाले लाभ- सरकार लोगों को कन्या विद्याधन योजना की राशि लाभ देगी जिससे कि वह लड़कियों को आगे पढ़ा सकते हैं।

कन्या विद्या धन योजना से शिक्षा का स्तर ऊपर उठेगा।

उत्तर प्रदेश कन्या विद्या धन योजना से गरीब लोग लड़कियों को पढ़ा सकेंगे।

इसके लिए पात्रता- उत्तर प्रदेश बोर्ड स्कूल का सर्टिफिकेट होना चाहिए।

उत्तर प्रदेश का बोनफाइड होना चाहिए।

उत्तर प्रदेश कन्यादान योजना के लिए दसवीं की परीक्षा में मेरिट में आना भी जरूरी है।

उत्तरप्रदेश कन्या धन योजना के लिए लड़की ही पात्र होगी, यह लड़को के लिये नही है।

आवश्यक प्रमाण पत्र- दसवीं कक्षा का सर्टिफिकेट, दसवीं कक्षा का मेरिट सर्टिफिकेट, परिवार का इनकम सर्टिफिकेट, उत्तर प्रदेश का बोनफाइड।

इसका लाभ लेने के लिए सबसे पहले आपको ऑनलाइन फॉर्म को डाउनलोड भरना होगा। इसके फार्म का आप प्रिंट आउट भी निकाल सकते हैं। इस फॉर्म को अच्छे से भरना चाहिए।

आप इसके लिए जिस जगह से 12वीं की है, वहाँ से भी आवेदन कर सकते हैं।

आप इसमे ऑनलाइन आवेदन करने के लिए इस वेबसाइट www(dot)madhyamikshiksha(dot)up (dot)nic(dot)in पर भी जा सकते हैं (इसमे डॉट की जगह . का प्रयोग करें)।

आप चाहे तो अपने जिले के हिसाब से भी हमारे फ़ोटो में दी गई वेबसाइट की लिंक से भी आवेदन कर सकते हैं।