हम खाना खाते समय कई गलतियां करते है और छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जो हमे परेशानी में डाल सकती है। हम अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनी सेहत पर ध्यान नही देते हैं। खाना खाने के तुरंत बाद हमे पानी नही पीना चाहिए, 30 मिनट पहले या खाने के 40 मिनट देर बाद ही पीना चाहिए। क्योंकि हमारे खाने को पचाने के लिए हमारे शरीर से पाचक रस निकलता है और पानी के मिलने से यह पतला हो जाता है जिससे कब्ज की परेशानी भी हो सकती है। तुरंत पानी पीने से खाना अच्छे से पच नही पाता और गल जाता है, जिससे पौष्टिक तत्व को शरीर अवशोषित नही कर पाता है। इससे ब्लड में शुगर का लेवल भी बढ़ जाता है। खाना खाते ही पानी पीने से पेट के फूलने की दिक्कत भी रह सकती है। इससे कब्ज और कमजोरी भी लगने लगती है। खाना पानी के साथ मिलकर पेट मे उपस्थित एसिड के साथ मिलकर फैट बना लेता है और जिससे मोटापा भी बढ़ जाता है।
मोबाइल से शानदार फ़ोटो लेने का तरीका, how to click best photo from mobile phone
हमारे जिंदगी के कई पल होते हैं जिन्हें हम भूलना नही चाहते हैं, हम ऐसें मौके पर अपने मोबाइल से फ़ोटो क्लिक करना नही भूलते हैं। हम ज्यादातर फ़ोटो भी मोबाइल से ही खींचते हैं। मोबाइल के बारे में सबसे बड़ा भ्रम तो ये है कि फ़ोटो की क्वालिटी सिर्फ मेगापिक्सल से ही डिसाइड की जाती है। जबकि मेगापिक्सल तो सिर्फ कैमरे का एक पार्ट होता है पूरी क्वालिटी उसी पर निर्भर नही करती हैं। जो आजकल के विज्ञापन में हमे दिखाया जाता है कि ये इतने मेगापिक्सल का कैमरा है, इसके अलावा हमे कैमरे की वास्तविक क्वालिटी को जरूर चेक कर लेना चाहिए। दूसरी सबसे बड़ी बात यह है कि हमे फ़ोटो खींचते समय डायरेक्ट एडिटर का यूज़ नही करना चाहिए इससे हमारी फ़ोटो की क्वालिटी बहुत खराब हो जाती है। आमतौर पर लोगो को अपनी फोटो को एडिटर के द्वारा बहुत ज्यादा डार्क या गोरा बना दिया जाता है ऐसीं फ़ोटो देखने मे तो अच्छी लगती हैं पर जब इसे ज़ूम किया जाता है तो सारी पिक्चर फट जाती है और इसे हम इसे दोबारा से एडिट नही कर सकते हैं।
अपनी फ़ोटो को आप हमेशा नॉर्मल कैमरे से ही खींचे जिससे आप को जरूरत लगे तो बाद में एडिट कर लें तो यह बहुत अच्छा रहेगा और अपने ओरिजिनल फ़ोटो को एक अच्छी याद के तौर पर संभाल कर रख लें। जहाँ पर अच्छा उजाला हो वहां पर फ्लेश लाइट को बंद करके फ़ोटो ले इससे फ़ोटो और अधिक अच्छी आएगी क्योंकि फ्लेश लाइट के ओन होने के बाद कैमरे के कुछ फीचर कम हो जाते हैं और फ़ोटो की क्वालिटी खराब हो जाती है। हमे अपने फोटो का बैकअप जरूर लेना चाहिये, कई बार हमारा मेमोरी कार्ड खराब हो जाता है और उसके खराब होने का सबसे बड़ा दुख हमारे फ़ोटो का ही होता है। कुछ कंपनियां जो भारत मे मोबाइल बेंच रही हैं उनमें नॉर्मल कैमरा नही होता है और वह डायरेक्ट एडिट करके ही फ़ोटो निकलती हैं, जिससे हमें फ़ोटो देखने में ही अच्छी लगती है। हमे एक दूसरे को फ़ोटो शेयर करते समय व्हाट्सएप का उपयोग नही करना चाहिए, इससे भी हमारे फ़ोटो की क्वालिटी खराब हो जाती है और इससे फ़ोटो कंप्रेस हो जाती है। यदि व्हाट्सएप के द्वारा भेजना चाहते हैं तो डॉक्यूमेंट सिलेक्ट करके फ़ोटो को डॉक्यूमेंट के रूप में भेजे इससे फ़ोटो कंप्रेस नही होती है।
साइलेंट हार्ट अटैक से कैसे करें बचाव और जानिए इसके लक्षण, silent heart attack and their cause
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री श्रीदेवी का दुबई में निधन हो गया, वह 54 वर्ष की थीं। कार्डियक अरेस्ट यानी साइलेंट हार्ट अटैक के कारण उनकी हृदय गति रुक जाने के कारण उनकी मौत हो गई है। कई बार हार्ट की बीमारी नही होने पर भी साइलेंट हार्ट अटैक आ सकता है। पुरुषों को इसकी ज्यादा संभावना रहती है।साइलेंट हार्ट अटैक को साइलेंट मायोकार्डियल इन्फ्रेक्शन भी कहा जाता है। इस प्रकार के हार्ट अटैक में सीने में दर्द का अनुभव नही होता है।
क्यों पता नहीं चलता है हार्ट अटैक के दर्द का- कई बार ब्रेन तक दर्द का अहसास पहुंचाने वाली नसों या स्पाइनल कॉर्ड में प्रॉब्लम के कारण या फिर साइकोलॉजिकल कारणों से व्यक्ति दर्द की पहचान नहीं कर पाता। इसके अलावा ज्यादा उम्र वाले या डायबिटीज के पेशेंट्स में ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी के कारण भी दर्द का अहसास नहीं होता है।
इसके महत्वपूर्ण लक्षण- पेट में खराबी, गैस्ट्रिक प्रॉब्लम, बिना किसी कारण के सुस्ती या कमजोरी का होना, थोड़े से काम में ही थक जाना, ठंडा पसीने का अचानक आना, बार बार सांस फूलना।
हार्ट अटैक के कारण- ज्यादा तेलीय, अधिक फैटी और प्रोसेस्ड फ़ूड खाना, शारीरिक व्यायाम न करना, सिगरेट और शराब पीना, मोटापा और डॉयबिटीज का होना, अधिक तनाव में होना।
इससे कैसें बचा जाए- खाने में अधिक वेजीटेबल और सलाद का उपयोग करना चाहिए, एक्सरसाइज और योगासन करते रहना चाहिए, शराब और सिगरेट जैसें नशे से दूर रहना चाहिए, स्ट्रेस और तनाव नही लें, अपना मेडिकल का चेकअप करवाते रहिये।
चेक से लेनदेन करते हैं, क्या आप जानते हैं चेक पर लिखे नम्बरों का मतलब, number written in cheque, what it means
चेक से सभी लेनदेन तो करतें ही हैं। कभी हमारी सैलरी चेक के रूप में आती है तो कभी बड़ा लेनदेन के लिए चेक पर ही निर्भर रहना पड़ता है। आज हम आपको बताते हैं कि चेक पर नीचे लिखे नम्बरों के क्या मतलब होता है। सभी चेकों के अंत मे चेक नंबर लिखा होता है, जो चार अंको में विभाजित होता है। चेक में अंत मे लिखे 6 अंकों को चेक नंबर कहा जाता है।
MICR- जिसके बाद 9 अंकों का MICR ( चुम्बकीय स्याही कैरेक्टर रिकॉग्निशन ) कोड होता है। इस कोड के पहले तीन डिजिट बैंक एकाउंट का सिटी कोड को बताते हैं। उदाहरण के लिए बैंगलुरु के लिए 560 होगा, क्योंकि वहां का पिन कोड 560 से ही शुरू होता है। इसके बाद वाला तीन डिजिट बैंक का कोड बताती हैं। जैसें की SBI का 002 HDFC का 240 आखिरी की तीन डिजिट में ब्रांच कोड होता है।
चेक के अंत मे लिखा तीसरा हिस्सा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मेंटेन किया जाता है। ये 6 अंकों का होता है जो बैंक एकाउंट को प्रदर्शित करता है।
चेक की आखिरी डिजिट चेक के प्रकार को बताती हैं।
1 मार्च वे बंद हो जाएगा आपका मोबाइल वॉलेट जल्दी करें eKYC , इसे करने का तरीका जानें, you must done eKYC of your mobile tillc1 march and prevent your account close
रिजर्व बैंक ने 28 फरवरी 2018 तक का समय दिया था. मोबाइल वॉलेट कंपनियों को अपना ईकेवायसी का काम पूरा कर लें, पर लगभग 91 प्रतिसत ग्राहकों ने अभी तक यह पूरा नही किया है जिससे उनके एकाउंट बंद होने के कगार पर हैं। अगर उनके वॉलेट में अधिक पैसा है तो उन्हें और भी परेशानी हो सकती है पैसा इनमें रखा है तो उसे निकाल लें या फिर ईकेवायसी को 1 मार्च से पहले पूरा कर लें। पेटीएम जैसीं कंपनियां समय-समय पर अपने ग्राहकों को ईकेवायसी पूरा करने के लिए सूचित करती रहीं हैं। ईकेवायसी के लिए यूजर को आधार कार्ड और पैन कार्ड का सत्यापन करवाना होता है।
कैसें करें ई केवायसी- सबसे पहले वालेट एप्प पर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। इससे एप्प के होम पेज पर ही केवायसी या एकाउंट अपग्रेड का ऑप्शन मिलेगा, जिस पर क्लिक करने के बाद आधार नंबर डालने को कहा जायेगा और फिर आगे के लिए प्रोसीड करें। इसके बाद हमें नियरबाई का ऑप्शन मिलेगा, जिस पर हमें अपने पास स्थित दुकान या ऑथोराइज़्ड स्टोर का पता मिल जएगा। आप यह करते समय अपना जीपीएस जरूर ओन कर लें जिससे हमारी लोकेशन के पास का स्टोर हमे पता चल सके। जिसके बाद हमे अपना पैनकार्ड और आधार कार्ड दिखाकर अपना सत्यापन पूरा करना है। उसके बाद हम अपने वॉलेट में 1 लाख तक कि राशि जमा कर सकते हैं। कुछ कंपनियां तो इस पर 4 परसेंट का ब्याज भी देती हैं।
अब जुलाई से 13 अंको के मोबाइल नंबर होंगे, क्या होगा आपके पुराने नंबर का जानें, mobile number will be 13 disit very soon
अभी हम सबके मोबाइल नंबर 10 डिजिट के होते हैं और जुलाई के बाद ये 13 अंको के होने वाले हैं। इसका फैसला डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने लिया है। रिपोर्ट के अनुसार 10 अंको के नंबर में और ज्यादा नंबर की सीरीज नही निकाली जा सकती हैं। नई व्यवस्था के अंतर्गत यह माइग्रेशन का काम अक्टूबर से शुरू हो जएगा। यह काम 31 दिसम्बर 2018 तक पूरा हो जएगा, पर इस बारे में अभी यह नही बताया है कि इसे कैसे पूरा किया जएगा।
इसके अनुसार मोबाइल कंपनियों को भी कहा गया है कि वे सॉफ्टवेयर में बदलाव करें ताकि लोगो को 13 अंको के सिमकार्ड से परेशानी न हो। मोबाइल नंबर के 13 अंको के होने से थोड़ी परेशानी जरूर हो सकती है। जैसें की अपने बैंक एवं अन्य ऑफिशियल कामों में दिए गए नंबर को भी चेंज करना पड़ेगा।
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अब किसी भी सरकारी हॉस्पिटल में अपनी अपॉइन्ट्मेन्ट बुक करें, easy step to book your oppoinment in hospital
अब किसी भी अस्पताल में ओपीडी बुक करना, लैब रिपोर्ट लेना, ब्लड की उपलब्धता जैसी सुविधाओं को ऑनलाइन और सरल तरीके से चेक कर सकते हैं। ओआरएस आधार आधारित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और अपॉइन्ट्मेन्ट लेने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है जो देश भर में विभिन्न अस्पतालों को जोड़ने का कार्य करता है। ORS गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ओपीडी के अपॉइन्ट्मेन्ट के लिए ऑनलाइन पोर्टल है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें रोगियों को लम्बी लाइन से छुटकारा मिल जाता है। पोर्टल आधार कार्ड के ईकेवाईसी डेटा का उपयोग करके विभिन्न अस्पतालों के विभिन्न विभागों के साथ ऑनलाइन अपॉइन्ट्मेन्ट की सुविधा प्रदान करता है, यदि मरीज का मोबाइल नंबर यूआईडीएआई के साथ पंजीकृत है और अगर मोबाइल नंबर यूआईडीएआई के साथ पंजीकृत नहीं है तो रोगी का नाम उपयोग किया जाएगा।
नए रोगी को अपॉइन्ट्मेन्ट के साथ स्वास्थ्य पहचान (यूएचआईडी) नंबर भी मिलेगा। अगर आधार नंबर पहले ही यूएचआईडी नंबर से जुड़ी हुई है, तो बस अपॉइन्ट्मेन्ट नंबर दिया जाएगा और यूएचआईडी एक समान रहेगी। इन सब के लिए आप आधार नंबर से पहचान को वैरीफाई करवाकर हॉस्पिटल का चयन करके, डिपार्टमेंट (जिसमें हमे इलाज करवाना है ), अप्पोइन्मेंट की डेट सिलेक्ट करना है। यदि आपके पास रोगी का आधार नंबर है और रोगी का मोबाइल नंबर यूआईडीएआई के साथ पंजीकृत है, तो यूआईडीएआई द्वारा एसएमएस के द्वारा आधार धारक को वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आएगा। जिसके बाद हमे एसएमएस के द्वारा अपॉइन्ट्मेन्ट का मैसेज आ जायेगा।
इन तीन तरीकों से हम अपॉइन्ट्मेन्ट बुक कर सकते हैं। नए रोगियों का आधार नंबर ( रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के साथ ) होना चाहिए। यदि रोगी के पास आधार कार्ड तो है पर उसमें मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नही है तो उसके लिए आधार कार्ड पर दिया हुआ नाम याद होना चाहिए। वैरिफिकेशन के बाद अन्य जानकारी डालनी होगी। यदि रोगी के पास आधार नंबर नहीं है तो पर्सनल मोबाइल नंबर, नाम, पिता का नाम, मां का नाम आदि दर्ज करने की आवश्यकता होती है।
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व्हाट्सएप करो, अब व्हाट्सएप से मनी ट्रांसफर भी कर सकेंगे, you can transfer money from whatsapp
UPI पर आधारित व्हाट्सएप पेमेंट अब धीरे-धीरे भारत में आ रहा है। बहुत जल्दी देश के 20 करोड़ यूजर तक यह सुविधा पहुँच जाएगी। इस तरह से अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को चैट बॉक्स में ही जाकर पैसे भेज और मंगा सकते हैं। व्हाट्सएप पैमेंट UPI के अलावा एसबीआई, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक सहित लगभग 70 बैंकों को सपोर्ट करता है। अगर आप इस फीचर का पहली बार उपयोग कर रहे हैं तो एक बार जांच लीजिये की आपका व्हाट्सएप अपग्रेड है या नही और अपग्रेड नही है तो प्ले स्टोर पर जाकर पहले इसे अपडेट कर लें। व्हाट्सएप का यह फीचर एंड्रॉयड 2.18.46 पर मिलेगा। अभी यह आईओएस यूजर को उपलब्ध नही है, लेकिन जल्दी ही उन्हें भी उपलब्ध हो जाएगा। यूजर के चैट बॉक्स में जाकर, किसी कांटेक्ट में अटैचमेंट पर क्लिक कीजिए और पेमेंट पर जाइये। पेमेंट का विकल्प आते ही यूजर को यूपीआई के साथ सुरक्षित धन भेजने का विकल्प मिल जाएगा।
पेमेंट भेजने और प्राप्त करने के लिए यूजर को एक्सेप्ट और कंटिन्यू पर क्लिक करना होगा। यहां नियम और शर्तों को स्वीकार करते हुए अपना बैंक चुनना होगा, एकाउंट डिटेल भरनी होगी और उसके बाद आप आगे वैरीफिकेशन sms का विकल्प चुनेगें और सेंड बटन पर टैब करेंगे। अब एसएमएस आएगा और अपना ओटीपी डालना होगा। अगर आपके बैंक से यूपीआई अटैच है तो एसएमएस के द्वारा अगला स्टेप आएगा।अगर यूपीआई एकाउंट लिंक नही है तो यूजर को यूपीआई पिन जेनरेट करना होगा। इसमें हमे यह बात भी ध्यान रखना होगा कि बैंक से लिंक मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप नंबर एक ही होना चाहिए। आप सीधे पेमेंट ओप्शन पर जाकर बैंक एकाउंट चुनिए, राशि तय कीजिए और यूपीआई पिन भरकर सेंड बटन पर क्लिक कर दीजिए और इस तरह से व्हाट्सएप से पैसे भेजे और प्राप्त किये जा सकते हैं।
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अब वोटर आईडी में सुधार हुआ बहुत आसान, घर बैठे मोबाइल से ही करें ये काम, voter id can be edited by mobile app and internet, after 6 months
अब आने वाले समय मे हम अपने वोटर आईडी में होने वाली गड़बड़ी के सुधार के लिए दौड़ना नही पड़ेगा, हम चाहे तो इसे घर बैठे ही ठीक कर सकते हैं। कई लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में चले जाते हैं तो उन्हें आईडी के लिए परेशान होना पड़ता है। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। इसके लिए एक मोबाइल आधारित एप्प भी लॉन्च की जाएगी और यह जून 2018 तक उपलब्ध हो जाएगी।
इस एप्प का नाम ERONeT (इलेक्टोरल रोल्स सर्विस नेट) है। इसमें मोबाइल पर otp आएगा जिससे हम आईडी में परिवर्तन कर पायेगें। चुनाव आयुक्त ने बताया कि अभी इस बारे में 22 राज्यों ने संपर्क किया है। उन्होंने बताया कि जून तक सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस पर सहमत हो जायेगें। अभी गुजरात और हिमाचल प्रदेश जैसें राज्यों से सहमति नही बन पाई है। आपको हमारी जानकारी पसन्द आये तो हमे लाइक, शेयर करें और सब्सक्राइब/फॉलो जरूर करें।
पैनकार्ड में सुधार करवाते या बनवाते समय ये सावधानी रखें नही तो परेशानी हो सकती है, making new pan card or editing through online use precaution
इंटरनेट कई सारे लोग धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं और यह एक बड़ी चिंता का विषय है। इससे हमें धन की हानि तो होती ही है इसके साथ हमारी प्राइवेट डिटेल भी गलत हाथों में जाने का खतरा भी रहता है। पैनकार्ड के संबंध में हम सेन्टर पर जाकर और ऑनलाइन भी अपना काम कर सकते हैं। कुछ लोग एजेंट के द्वारा भी काम करवाते हैं तो इससे भी उन्हें बहुत ज्यादा पैसा देना पड़ता है, दूसरी तरफ हमारे डॉक्यूमेंट गलत हाथो में जाने का ख़तरा भी रहता है। अगर हम ऑनलाइन अपना काम करना चाहे तो हम यह भी कर सकते हैं। पर हमें ऑथेंटिकेट वेबसाइट पर ही जाना है। हम ये वेबसाइट को अपनी इमेज में दे रहे हैं।
आयकर विभाग ने कहा है कि उसने पैन कार्ड बनाने का अधिकार दो ही संस्थाओं को दिया है जिनमें NSDL ईगवर्नेन्स इंफ्रास्ट्रक्चर ( NSDL e gov) और uti इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजीस सर्विसेज लिमिटेड शामिल है।इसके अलावा और कोई भी संस्था से आप सम्पर्क न करे और किसी भी वेबसाइट से इसके लिए आवेदन न करे। विभाग ने यह भी कहा है कि अगर आप किसी और वेबसाइट के माध्यम से फॉर्म भरते हैं और पेमेंट करते हैं तो उसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।
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इन अभिनेताओं का भी पाकिस्तान से है रिश्ता, these actor also have a relationship with pakistan
हमारे चहेते कलाकारों का जन्म देश-विदेश और महाद्वीप के विभिन्न भागों में हुआ है। इनमें से कुछ का जन्म पाकिस्तान में भी हुआ है। अमिताभ बच्चन से लेकर शाहरुख खान तक कई कलाकारों का पाकिस्तान से संबंध रहा है। गोविंदा के पिता अरुण कुमार आहूजा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था और वह भारत पाकिस्तान के बटवारे के समय भारत आ गए थे। दिलीप कुमार का जन्म लाहौर में हुआ था, लेकिन वह भारत पाकिस्तान के बटवारे के समय भारत आ गए थे।
शशि कपूर का जन्म पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था। देवानंद का जन्म गुरुदासपुर पाकिस्तान में हुआ था। अमरीश पुरी का जन्म भी पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। अमिताभ बच्चन की माँ तेज़ी का जन्म पाकिस्तान के लालपुर शहर में हुआ था, जिसे अब फैसलाबाद कहा जाता है। प्रेम चोपड़ा का जन्म भी पाकिस्तान के लाहौर में ही हुआ था। साधना अभिनेत्री जो अपनी आवाज के लिए भी जानी जाती थी, इनका जन्म भी पाकिस्तान के कराची में हुआ था। शाहरुख के पिता मीरताज मोहम्मद खान का जन्म पेशावर में हुआ था। रितिक के दादा पंजाब के शियाल कोट के रहने वाले थे जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है।
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प्यार क्यों होता है, जाने इसका वैज्ञानिक कारण, why love is happen in our life
वेलेंटाइन के इस वीक में लोग प्रेम के पुजारी बने घूम रहे हैं। लेकिन आप जनना चाहते हैं कि प्यार कैसे होता है, इसके क्या लक्षण होते हैं। इसके लिए हमे शेर-शायरी और कविताओं के अलावा थोड़ी साइन्स की जानकारी होनी चाहिए। कुछ लोगो को कहते सुना होगा कि प्यार में भूंख, नींद, चैन सब उड़ जाती हैं, कहीं भी मन नही लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे क्या विज्ञान है। क्या होता है जब हमें प्यार हो जाता है। हमारी बॉडी से एंडोर्फिन (खुशी का हार्मोन) निकलता है। यह हमारी बॉडी से कई और तरीके से निकलता है, जैसे व्यायाम करके, कुछ मज़ेदार या एक्साइटेड वाला कोई काम करके।
खुशी, प्रफुल्लता और आनंद का अनुभव कराने वाला हार्मोन ही प्यार में पढ़ने के लिए उत्तरदायी होता है। कभी-कभी हमें लगने लगता है कि हम प्यार में पड़ने के बाद बदल गए हैं तो इसमे भी इसी हार्मोन का हाथ होता है। जब सामने वाले व्यक्ति से प्यार हो जाता है तो उसकी बुरी आदतों पर हमारा ध्यान नही जाता और यही कारण है कि प्यार अंधा होता है, यह भी एंडोर्फिन हार्मोन के कारण होता है।
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भूलकर भी न करें आधार पर लेमिनेशन और प्लास्टिक का बनवाने का सोचे भी नहीं, dont laminate adhar card and do not make it plastic by spend money
आधार हमारी एक बड़ी जरूरत बनता जा रहा है और इसे अपने पास रखना ही पड़ता है। लेकिन ज्यादा समय तक उसे रखने पर यह खराब हो जाता है या मुड़ जाता है। कुछ लोग इस पर लेमिनेशन करवा लेते हैं, जिससे आधार का QR कोड स्कैन होने में परेशानी होती है। इसलिए हमें जिस रूप में मिला है वैसा ही अपने पास रखना चहिए। कुछ लोग इसे प्लास्टिक का बनवाने के लिए 50-300 रुपये खर्च कर देते हैं परंतु फिर भी इसमें स्कैन में दिक्कत आती है। सबसे बड़ी बात ये है कि इससे हमारी प्राइवेसी को खतरा होता है, दुकानदार हमारे आधार कार्ड की कॉपी भी बना सकता है। कुछ लोगों को शिकायत रहती है कि उनका फोटो खराब है या फिर एड्रेस गलत दिया है तो इसे आप स्वयं ही वेबसाइट पर जाकर ठीक कर सकते है और आप आधार सेन्टर पर जाकर भी इसे ठीक कर सकते हैं।
सेन्टर पर जाने का एक फायदा और है कि इसमें अपना फ़ोटो को भी बदला जा सकता है जबकि घर से वेबसाइट के द्वारा हम फ़ोटो नही बदल सकते हैं। सेंटर पर आधार से जुड़ी किसी भी समस्या के निदान का चार्ज 30 रुपये है (25+ 18 % जीएसटी ) और अगर कोई इससे ज्यादा चार्ज लेता है तो आपको इसकी शिकायत (1947 जो कि टोल फ्री नंबर है ) करना चाहिए। आधार आफिस ने साफ कहा है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नही होनी चाहिए और इसी कारण आधार सेंटरो की संख्या को घटाकर सीमित भी किया गया है। आधार का समान्य कागज पर प्रिंट भी मान्य है और उसे ब्लैक एंड व्हाइट/ दोनों ही रूपों में स्वीकार किया जाएगा। इसके अलावा इसका कोई भी भाग भी इसके प्रमाण के लिए मान्य है।
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