How much drink water and time to drink watdr पानी कब पीएं और कब न पीएं, खाना खाने के कितनी देर बाद पानी पीना चाहिए जाने

पानी पीने को लेकर लोगों के मन मे कई प्रकार के सवाल उठते रहते हैं। पानी कैसे पीना चाहिए, कब पीना चाहिए और किस समय पीना चाहिए। कुछ लोग खाना खाने से पहले पानी का पी लेते हैं तो कुछ लोग खाना खाने के बीच-बीच में पी लेते हैं या खाना खाने के बाद कई घूंट पानी पीकर अपना पेट भर लेते हैं।

आयुर्वेद के अनुसार खाना खाने के तुरंत बाद पानी का सेवन नहीं करना चाहिए। भोजन के तुरंत बाद पानी का सेवन करना विष के समान है, इससे पाचन शक्ति खराब होती है और आपको कई तरह के रोग भी हो सकते हैं।

खाते समय पानी पीने से आमाशय में एसिड शांत हो जाता है, यह एसिड भोजन को विभिन्न घटको में तोड़ देता है और यही छोटे-छोटे घटक को हमारा शरीर ग्रहण करता है। खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीने से यह एसिड पतला हो जाता है जिससे भोजन ठीक से नही पचता है, जिससे भोजन पचता नहीं बल्कि सड़ता है। पेट में भोजन सड़ने से गैस के अलावा और कई रोग उत्पन होने लगते हैं।
  आयुर्वेद के अनुसार खाना खाने के एक से डेढ़ घंटे बाद पानी का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा खाना खाने के चालीस मिनट से एक घंटा पहले तक पानी का सेवन कर लेना चाहिए।

खाना खाते समय या खाना खाने के बाद पानी पीते हैं तो गैस्ट्रिक अम्ल को कम करके पाचन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है और इंसुलिन के स्तर में उछाल का कारण बनता है। आप जो भी खाते हैं, उसे पचाने में लगभग दो घंटे लगता है। इसलिए खाना खाने के बाद पानी का सेवन नही करना चाहिए। भोजन के ठीक बाद पानी पीने से गैस्ट्रिक रस पतला हो जाता है। हमारा पेट पानी को अवशोषित करने में सक्षम तो होता है लेकिन भोजन के बाद पानी का अधिक सेवन करने से पाचन के लिए जरूरी एंजाइम पतला हो जाता है। रात के समय किसी तरल पदार्थ के नुकसान से बचने के लिए सोने के एक घंटा पहले एक गिलास पानी पीना चाहिए। अपने ब्लड प्रेसर को कम करने में मदद करने के लिए नहाने से पहले एक गिलास पानी पीना चाहिए। अपने अन्दर के अंगों को सक्रिय करने में मदद करने के लिए सुबह उठने के बाद खाली पेट एक गिलास पानी पीना चाहिए। पानी दिन के पहले भोजन से पहले किसी भी विषाक्त पदार्थ को हमारे शरीर से हटाने में सहायक होता है।

Very important information for women

Primeminister Safe Motherhood Campaign ( pradhanamntri matritv surakshit abhiyan ) delivery of all pregnant women 9 date of every month, which is a new initiative of the Government of India, is sure to prenatal care. Its aim is to reduce maternal and child mortality. Government health centers is the package of prenatal care during the second and third trimester of pregnancy. It involves a private doctor means are there to give your home, we can get treatment from private doctors. The prime minister had appealed also involves the free services of private doctors. The main purpose of those pregnant women who did not get their prenatal check for any reason, to get them to complete their investigation. Early detection of the disease in women suffering from malnutrition, to give special emphasis on adequate and proper management. Pregnant women are also given leaflets Maternal and Child Protection Card and safe motherhood. Providing stickers them according to risks. When green sticker normal pregnancy women, red sticker on the high-risk women. Pregnant hospitals, blood, urine, blood pressure and sugar as well as essential medicines free to check is provided. More than thirty million pregnant women under it has been fixed to prenatal care. It has been implemented in the village as well as urban areas. Plan each primary, community health center, district by district, Upjila satellite hospitals summer to conduct Primeminister Safe Motherhood Day Clinic from April 1 until the morning of September 30 8 to 2 pm and in winter 9 am to 3 pm in goes.

अपनाएं ये घरेलु टिप्स और छालों से छुटकारा पाएं, how to get rid of mouth ulcer

गर्मियों की तेज धूप में थोड़ी सी लापरवाही से भी हमे स्वास्थ्य संबंधित कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस मौसम में लोगों को पेट की गर्मी के कारण मुँह के छाले भी हो जाते हैं।

1. आप मुंह में छाले में अरहर की दाल को महीन पीसकर लगाएं। ऐसा करने से आपको दर्द से आराम मिलेगा व छाले भी अच्छे हो जाएंगे।

2. प्रतिदिन नीम की दातुन करने से मुंह के अंदर उपस्थित सारी गंदगी साफ हो जाती है। मुंह के अंदर मौजूद विषैले तत्वों के बाहर निकलने से मुंह के छाले अच्छे हो जाते हैं।

3. एलोवेरा कारागार मुंह को ठंडक देता है। एलोवेरा कारागार लगाने से छालों की समस्या अच्छी हो जाती है।

4. हरी धनिया की तासीर ठंडी होती है। अगर आपके मुंह में छाले हो गए हैं तो हरी धनिया के रस को अपने छालों पर लगाएं।

अब जियो दे रहा 1.5 जीबी का फ्री डेटा, कैसे उठाये इसका फायदा जाने, how to get extra 1.5 gb jio data

जियो हर बार कोई कोई न कोई ऑफर लेकर आता ही रहता है जिसमे लोगों को बहुत फायदा होता है। जियो एक नया जियो डबल ऑफर लेकर आया है जिसमे उपयोगकर्ताओं को प्रतिदिन अतिरिक्त डेटा 1.5GB का इंटरनेट डेटा दिया जाएगा। यह ऑफर 12 जून से लेकर 30 जून तक दिया जाएगा।
इसके लिए सबसे पहले माय जिओ एप्पलीकेशन को इंस्टॉल करके ओपन करें। कोई से भी प्लान को सिलेक्ट करके उसकी पेमेंट करें।
इसमे हमे एक कूपन मिलेगा जिसे आप में जियो के कूपन सेक्शन में जाकर रिडीम कर लें, इसके बाद 1.5 GB का बेनेफिट मिलना शुरू हो जाएगा। आप इसमे दी गई इमेज के भी देख सकते हैं।

इस आसान ट्रिक से पता करें कि गैस सिलिंडर में कितनी गैस बची है, how to check gas in lpg cylinder

हमे कई बार लगता है कि हमारे सिलिंडर में गैस खत्म हो गई है। हम ज्यादातर सिलिंडर को हिलाकर ही देखते है। हम सिलिंडर का वजन को तौलकर भी इसका पता लगा सकते है क्योंकि सभी सिलिंडर में फिक्स मात्रा में गैस भरी जाती है और यह सिलिंडर पर भी लिखा होता है। इसमें सिलिंडर का वजन और गैस का कितना वजन अलग-अलग होता है। हर बार वजन तौलना भी सम्भव नही होता है।

आप चाहे तो गीले कपड़े से भी मिनटों में ये पता लगा सकते है कि कितनी गैस बची है। इसके लिए सबसे पहले किसी गीले कपड़े से सिलेंडर को पोंछ लीजिये। पूरे सिलेंडर को इस तरह से पोंछना है, कि इसकी ऊपरी परत पूरी तरह से गीली हो जाए। इसके बाद सिलेंडर के सूखने का इंतजार करे और दो तीन मिनटों के बाद सिलेंडर का कुछ हिस्सा गीला और कुछ हिस्सा सूखा हुआ नजर आएगा। ऐसे में आपको जितना हिस्सा गीला दिखाई देगा, उसे देख कर ये समझ लीजिये कि गैस सिलेंडर में केवल इतनी ही गैस बची है। विशेषज्ञों का कहना है कि जहाँ लिक्विड होता है वहां का तापमान खाली हिस्से की अपेक्षा कम होता है जिससे वह देर में सूखता है।

अपने मोबाइल को चोरी होने से बचाने के लिए ये सेटिंग्स करे लें, how to prevent mobile from robber

आप अपना फोन चोरी होने से कैसे बचाएं, चोरी होने से पहले आप अपने फोन में क्या सेटिंग कर सकते हो और चोरी से बचने के लिए आपको क्या करना होगा ?

अगर चोरी हो जाए तो आप अपने फोन को आसानी से ढूंढ सकते हो। फोन के खो जाने या चोरी हो जाने पर कितना दुःख होता है। आपको आपके फोन में कुछ सैटिंग्स करनी होगी एंड्राइड फ़ोन में आपको अपनी सेटिंग में जाना है, फिर एकाउंट में जाना है और गूगल में लोग इन कर के रखना है और जो ईमेल आपने वहां डाला है वह याद रख ले। अपने फोन के जीपीएस को हमेशा ऑन रखे। अब आप बोलोगे यह तो बहुत बैटरी खाता है, हां लेकिन इतनी भी बैटरी नहीं खाता की इस पर इतना विचार किया जाए, बहुत कम बैटरी यूज करता है। वैसे भी कई अनावश्यक कामो में अपनी बैटरी गवां देते हैं। जीपीएस हमेशा अपने फोन में ऑन रखिए क्यूंकि बाद में फोन को ढूंढने में आसानी होती है। अब मान लो किसी का एंड्राइड फोन खो गया है, तो आप सीधा कंप्यूटर पे जाएं और गूगल करें एंड्राइड डिवाइस मैनेजर अब इस वेबसाईट पर आप उसी ईमेल और पासवर्ड से लॉगिन करें तो आपको आप के फोन की लोकेशन मिल जाएगी। इसके अलावा बहुत सारी सुविधाएं भी मिल जाएंगी जैसे आप अपने फोन में रिंग कर सकते है यानी कॉल कर सकते हैं ताकि कहां पड़ा है आपका फोन, और अपने फोन के डेटा को डिलेट भी कर सकते हैं ताकि आपका डेटा किसी और के हाथ ना लगे। तो इस तरह आप अपने फोन को वापस पा सकते हैं।

हमे इन जगहों पर भी फ्री बीमा उपलब्ध कराया जाता है

हम ट्रेवल करते हैं, पर हमारा सामान सही गंतव्य तक नही पहुँच पाता है तो इस तरह के इंश्योरेंस कवर एयरलाइन को जवाबदेह बनाते हैं कि वो आपके सामान में हुए किसी भी प्रकार के नुकसान होने की स्थिति में आपको मुआवजा दे। ऐसी स्थिति में हमे शिकायत जरूर करानी चाहिए और आगे की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

एलपीजी सिलेंडर पर भी 40 से 50 लाख तक का बीमा मिलता है- एलपीजी सिलेंडर से दुर्घटना होना सामान्य बात नहीं है लेकिन लोगों को यह जानकारी नहीं होती है कि ऐसा होने की स्थिति में वो संपत्ति और शरीर को हुए नुकसान के होने में इंश्योरेंस क्लेम कर सकते हैं। समान्यतः गैस एजेंसियां ग्राहकों को इसकी जानकारी नहीं देती हैं। सभी रजिस्टर्ड एलपीजी गैस सिलेंडर उपभोक्ता इस तरह की दुर्घटना होने की स्थिति में इंश्योर्ड होते हैं। गैस सिलेंडर पर मिलने वाले इंश्योरेंस का कवर 40 से 50 लाख तक होता है। सभी रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को पंजीकृत आवास पर गैस सिलेंडर के कारण दुर्घटना की स्थिति में बीमा कवर की सुविधा दी जाती है। इसके कवर में परिवार के सभी सदस्य आते हैं।

बैंक डिपॉजिट- आपके बैंक में जमा रकम भी इंश्योर्ड होती है जिसकी कवर साइज 1 लाख रुपये तक होती है। परंतु यह कभी-केभी न के बराबर होती है। लेकिन जब बैंक डिफॉल्ट करते हैं और आपको पता चलता है कि आपकी बैंक में जमा राशि का 1 लाख का बीमा फ्री में उपलब्ध होता है। बैंक के सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड अकाउंट, करेंट अकाउंट और रेकरिंग अकाउंट के डिपाजिट इसके दायरे में आते हैं। यह इंश्योरेंस कवर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (डीआईसीजीसी) जो कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ही एक कंपनी है की ओर से दिया जाता है।
मोबाइल फोन- आपके मोबाइल फोन पर भी इंश्योरेंस कवर उपलब्ध होता है और इसका कवर साइज फोन के मॉडल पर निर्भर करता है। इसके अंतर्गत बीमा कंपनियां खुदरा विक्रेताओं के माध्यम से स्मार्टफोन के लिए ग्रुप कवर प्रदान करती हैं। लेकिन प्रस्तावित कवर में आकस्मिक क्षति और चोरी को शामिल नहीं किया जाता है।

कंपनी डिपॉजिट पर भी मिलता है फ्री कवर-डिपॉजिट पर भी फ्री इंश्योरेंस कवर की सुविधा मिलती है। इसका दायरा 20,000 रुपये तक होता है। कंपनी एक्ट 2013 के मुताबिक जो कि 1 अप्रैल 2014 से ही प्रभावी हो चुका है, कंपनियों को कॉर्पोरेट जमा के लिए 20,000 रुपये तक का बीमा कवर खरीदना होता है। ऐसा न होने की स्थिति में उन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

एयर ट्रैवल पर भी मिलता है इंश्योरेंस कवर- आपके एयर ट्रैवल पर भी इंश्योरेंस कवर मिलता है, जिसका साइज इंश्योरर के आधार पर अलग अलग हो सकता है। अधिकतर कंपनियां लीगल लायबिलिटी (कानूनी देयता) कवर प्रदान करती हैं जिसके अंतर्गत यात्रियों को सामान की हानि के लिए मुआवजा दिया जाता है। मुआवजे की गणना 20 डॉलर प्रति किलो की दर से की जाती है। मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत सामान/हानि/ सामान पहुंचने में देरी के लिए अधिकतम मुआवजा प्रति यात्री 1,000 एसडीआर है

2022 तक सभी का अपना घर का सपना पूरा होगा, जाने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी सारी बातें

हर गरीब की इच्छा होती है कि उसका पक्का घर हो। सरकार साल 2022 तक हर गरीब को घर देने का सपना पूरा करेगी। केंद्र सरकार ने उन लाभार्थियों से भी बात की है जिन्हें इस योजना का लाभ मिल चुका है, उनसे पूछा गया कि इस योजना में कितनी पारदर्शिता है और सरकार की ओर से भेजी जा रही रकम खाते में पहुंच तो रही है।

क्या है ग्रामीण आवास योजना-

पीएम आवास योजना ग्रामीण और शहरी दो भागों में बंटी है।

ग्रामीण योजना के द्वारा 25 वर्गमीटर का मकान मिलता है।

पक्के मकान बनाने के लिए 1.2 लाख रुपये मिलते हैं।

आवास की मंजूरी मिलने पर पैसे सीधे खाते में आते हैं।

लाभार्थी इस पैसे का सीधे इस्तेमाल नहीं कर सकता बल्कि चेक के जरिये मकान सामग्री का भुगतान करना होता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के द्वारा 25 वर्गमीटर का मकान मिलता है। सरकार पक्के मकान बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये देती है और जब आवास की स्वीकृति मिल जाती है तब बारी-बारी से पैसे सीधे खाते में आते भेज दिए जाते हैं। कोई भी इस पैसे का सीधा इस्तेमाल नहीं कर सकता बल्कि खाते से सीधे चेक के द्वारा मकान सामग्री के लिए पेमेंट होता है। 2022 तक गांव के साथ-साथ शहरों में कोई भी घर कच्चा नहीं रहेगा। सरकार की योजना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर हर गरीब के सिर पर सीमेंट की छत हो।

क्या है शहरी आवास योजना- इस योजना का लाभ शहर के गरीबों को मिलता है।

योजना का लाभ EWS श्रेणी के लोगों को मिलता है।

योजना का लाभ LIG श्रेणी के परिवार को भी मिलता है।

सालाना आमदनी 3 लाख तक वाले EWS श्रेणी में आते हैं।

सालाना आमदनी 3-6 लाख वाले LIG श्रेणी में आते हैं।

लोन के माध्यम से सरकार शहरी गरीबों को मदद करती है।

EWS और LIG श्रेणी के लोगों को लोन के ब्याज में छूट भी दी जाती है।
सरकार का 2022 तक 1 करोड़ 10 लाख घर बनाने का लक्ष्य है। सरकार के अनुसार 34 लाख घर बन चुके हैं और 29 राज्य के 3594 शहर में लोगों को घर मिलना है। 11 लाख शहरी गरीबों को घर मिल चुका है जबकि कहा जा रहा है कि 23 लाख घर गांव में रहने वाले गरीबों को मिल चुका है। प्रधानमंत्री की इस योजना का लाभ कई तरीकों से लोगों तक पहुंचेगा। ऐसा नहीं है कि सरकार सिर्फ मकान बनाने वाली है। सरकार इस योजना के द्वारा झुग्गी में रहने वालों का पुनर्वास करा रही है।
इसमे हम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों से ही आवेदन कर सकते हैं। हम ऑनलाइन आवेदन करने के बारे में पिछले पोस्ट में बता चुके हैं।

घर खरीदते समय ऐसे बचे धोखे से

प्रॉपर्टी मार्केट में हलचल दिख रह है। इसका फायदा उठाते हुए बिल्‍डर्स कई तरह के ऑफर्स दे रहे हैं। सभी लोग ऐसे ऑफर्स की ओर आकर्षित हो जाते हैं। घर खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए इससे आप धोखा खाने से बच सकते हैं। अनिश्चितता के चलते जिन होम बायर्स को बिल्‍डर्स ने अब तक घर नहीं दिए हैं। उनकी बड़ी शिकायत है कि उन्‍हें बैंक की ईएमआई भी भरनी पड़ती है और घर न मिलने के कारण किराए के घर में रहना पड़ रहा है। अब बॉयर्स में आफर देने लगे हैं कि अगर आप घर बुक कर रहे हैं तो आपके अपने किराये के घर का किराया नही देना होगा। लेकिन बिल्डर सिर्फ इस बारें में ही बात न करे इसके अलावा भी बाकी सभी पहलुओं पर बात कर लेनी चाहिए। आप किराये के घर वाला आफर लेते हैं तो इससे आपको अपना घर 100 से 200 तक स्क्वायर फुट तक मंहगा मिल सकता है।

कुछ बिल्डर यह आफर भी करते है कि जब आप घर बुक करते हैं तो आपको जब तक EMI नही भरनी होगी जब तक कि आपको पजेशन नही मिलता है। लेकिन ऐसे मे भी पैसा हमारी जेब के पैसे से ही किश्त भरी जाएगी। ऐसे समय भी मकान मंहगा मिलता है। इससे अच्छा आप रेडी मकान पर विचार करें इससे मकान थोड़ा मंहगा जरूर मिलता है, उसका कैल्कुलेशन जरूर कर लें। भारी डिस्काउंट के चक्कर मे न पड़े। आप वहाँ पहले से रह रहे लोगों से राय ले सकते हैं कि उन्होंने कितने पैसे में खरीदा था। आपको यह बात पर भी ध्यान जरूर देना चाहिए कि बिल्डर कभी अपनी जेब से आपको पैसा नही देगा बस पने मुनाफे से थोड़ा दे सकता है।

जिनकी शादी होने वाली है या हो चुकी है, उनके लिये काम के हैं ये फाइनेंशियल टिप्स

अगर आप शादी करने जा रहे हैं या फिर शादी को ज्यादा समय नही हुआ है तो आपके लिए आगे आने वाले जीवन के बारे में कुछ योजना बना लेना चाहिए। इस प्‍लानिंग में आप अपने पार्टनर को जरूर शामिल करें। यह कदम आपके सुखी एवं समृद्ध जीवन की नींव रख सकते हैं।

साझा फैसले- शादी के बाद फाइनेंशियल प्‍लानिंग हो या इन्‍वेस्‍टमेंट से जुड़े फैसले यह सभी फैसले आपको अपने पार्टनर के साथ सलाह करके ही करने चाहिए क्योंकि शादी के जो भी निर्णय लिए जाते हैं यह आपके पार्टनर को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे समय पर अब आप कोई भी निर्णय पार्टनर को विश्‍वास में लेकर ही करें।

ज्‍वाइंट सेविंग अकाउंट- जब आप फाइनेंशियल प्‍लानिंग या इन्‍वेस्‍टमेंट से जुड़े निर्णय ले रहे हैं तो आपका एक ज्‍वाइंट सेविंग अकाउंट भी होना चाहिए। इससे आप दोनों को अपनी सेविंग के बारे में अच्छा आइडिया रहेगा।

नॉमिनेशन- शादी के पहले आपके सेविंग अकाउंट, पीएफ अकाउंट या इन्‍श्‍योरेंस में माता पिता या फिर किसी और का नाम रहता होगा। शादी के बाद आप इसे अपडेट कर सकते हैं। आप अपने पार्टनर को नॉमिनी का अधिकार दे सकते हैं।

हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस- अगर आप ने अब तक हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस नहीं कराया है तो शादी के बाद आप ज्‍वाइंट हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पर विचार कर सकते हैं। आने वाले समय में जब आपके परिवार में नए सदस्‍य आएगा तो आप उसे भी हेल्‍थ इन्‍श्‍योरेंस पॉलिसी में जोड़ सकते हैं।

टर्म इन्‍श्‍योरेंस- शादी के बाद आप टर्म इन्‍श्‍योरेंस पर विचार कर सकते हैं। टर्म इन्‍श्‍योरेंस कम प्रीमियम में ज्‍यादा लाइफ कवर देता है। आप जितनी जल्‍द टर्म इन्‍श्‍योरेंस कराते हैं यह उतना ही सस्‍ता पड़ता है। टर्म इन्‍श्‍योरेंस कवर पॉलिसीधारक की अचानक मौत होने पर परिवार को एक निश्चित राशि कवर के तौर पर प्रदान कराता है।

इमरजेंसी फंड- अगर दोनों पार्टनर वर्किंग हैं तो आप दोनों को मिल कर एक इमरजेंसी फंड बनाने पर विचार करना चाहिए। अगर आप अकेले वर्किंग हैं तो आपके लिए इमरजेंसी फंड की जरूरत और बढ़ जाती है। आप शुरूआत में 6 माह के खर्च के लायक एक इमरजेंसी फंड बना सकते हैं। बाद में इसे बढ़ा कर 12 माह के खर्च तक कर सकते हैं।

ड्रीम हाउस के लिए शुरू करें प्‍लानिंग- हेल्‍थ इन्‍श्‍यारेंस, टर्म इन्‍श्‍योरेंस और इमरजेंसी फंड के बाद अब आप को अपना ड्रीम हाउस खरीदने के लिए प्‍लानिंग करना चाहिये। ड्रीम हाउस खरीदने के लिए आपको डाउनपेमेंट के लिए एक निश्चिम राशि की जरूरत होगी। इसके अलावा आपको यह ध्‍यान रखना चाहिए कि अगर आप होम लोन लेते हैं तो आपकी सैलरी का 30 से 35 प्रतिसत अमाउंट ही ईएमआई के तौर पर जा सकता है इससे ज्यादा की राशि देने से आपके सामने कई बार परेशानी खड़ी हो सकती है और ईएमआई भरने में भी दिक्कत आ सकती है। आप को इन सभी चीजों का ध्‍यान रखते हुए ड्रीम हाउस खरीदने के बारे में निर्णय कर लेना चाहिए।

विदेश में हॉलीडे के लिए प्‍लानिंग- शादी के बाद हर किसी का सपना होता है कि आप विदेश में जाकर छुट्टियां मनाये। विदेश जाने के लिए बहुत अधिक पैसे की जरूरत होती है। ऐसे में आप इसके लिए अलग से सेविंग शुरू कर सकते हैं। इससे आप विदेश में हॉलीडे का सपना आसानी से पूरा कर सकेंगे। इसके अलावा आप देश मे ही किसी खास डेस्टिनेशन पर जाने का विचार भी कर सकते हैं।

लॉंग टर्म के‍ लिए करें सेविंग- शादी के बाद आपको अपनी सैलरी से एक निश्चित प्रतिसत राशि को लॉंग टर्म की जरूरतों के लिए बचाकर रख लेना चाहिए। इसके लिए आप सिस्‍टमैटिक इन्‍वेस्‍टमेंट प्‍लानिंग के जरिए निवेश शुरू कर सकते हैं। एसआईपी में आप अपनी इनकम बढ़ने के साथ निवेश बढ़ा सकते हैं। अगर आप इस निवेश को कांटीन्‍यू करते हैं तो आप की रिटायरमेंट प्‍लानिंग में भी अपने आप हो जाएगी।

कार- शादी के बाद आप भी कार खरीदने पर विचार कर सकते हैं। अगर आप दोनों वर्किंग हैं तो यह ऑफिस आने जाने के लिए भी सुविधाजनक रहता है। लेकिन कार खरीदने से पहले अपने खर्च और फाइनेंस से जुड़े सभी बिन्दुओ पर विचार कर लेना चाहिए।

कैसा लगेगा यदि फल-फूल और सब्जियां पूरी तरह से खत्म हो जाएं

कुछ समय मे भंवरो और तितलियों की संख्या में इतनी कमी आई है कि यह अब चिंता का विषय बनता जा रहा है और इसका सीधा प्रभाव फसलों और फलों के उत्पादन पर पड़ा है। यह बात आप सभी लोग जानते होंगे कि तितलियां भँवरे मधुमक्खियां और अन्य तरह के कीट प्राकृतिक रूप से परागण का कार्य करते हैं।वैज्ञानिकों ने ऐसे कीटनाशकों का पता लगाया जो इन कीटों के घटती आबादी के लिए उत्तरदायी हैं। वैज्ञानिकों ने भी चेतावनी दी है कि जल्दी ही कुछ नही किया गया तो परागकण न होने के कारण खाद्य संकट उत्पन्न हो सकता है।
वैज्ञानिकों की रिपोर्ट में पाया गया है कि तितलियों भंवरो और अन्य तरह के उड़ने वाले कीटों की संख्या में 76 प्रतिसत तक कि कमी आई है यहाँ तक कि वैज्ञानिकों ने पूरे इकोसिस्टम यानी पर्यावरण के खत्म होने की भी संभवना बताई है।

भारत की बात की जाए तो यहां पर भी स्थिति गंभीर है यहां फूलों की घांटी के आस-पास के आंकड़े से लगता है कि जल्दी ही यह सिर्फ किताबों तक ही सीमित रह जायेगा। इनकी घटती संख्या का असर पक्षियों पर भी पड़ता है क्योंकि ये इन कीटों को खाते हैं।

यूरोपीय संघ के 28 देशों के प्रतिनिधियों ने एक बहुमत से भंवरो और मधुमक्खियों के लिए हानिकारक कीटनाशकों पर बैन लगाने का निर्णय लिया है। यूरोपीय संघ ने 2013 में इस तरह के कीटनाशकों पर आंशिक रूप से प्रतिबंध लगा दिया था। इससे 2018 के अंत तक इन कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा अब इनका उपयोग बस पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस में ही किया जाएगा। जर्मनी में 1989 से अब तक तीन चौथाई कीट खत्म हो गए हैं। उड़ने वालों कीटो का इस तरह कम होना पूरे संसार का विनाश कर सकता है।

हम जो फल और सब्जियां खाते हैं उस पर कितना कीटनाशक मिला यह जानकर आप चौंक जाएंगे। शौध में पाया गया है कि सामान्य तरह से उगाये जाने वाले फलों और सब्जियों में 230 से अधिक प्रकार के कीटनाशक या उसी तरह के अन्य उत्पादों का उपयोग किया गया है।
अमेरिकी वैज्ञानिकों के एक अध्ययन में पाया कि पालक और स्ट्राबेरी में सबसे अधिक पेस्टिसाइड की मात्रा पाई गई है। जब स्ट्राबेरी के एक सैंपल को जांचा गया तो उसमे 20 अलग अलग तरह के पेस्टिसाइड पाए गए हैं, पालक में उसके बजन से दो गुना ज्यादा पेस्टिसाइड पाया गया है। 12 ऐसे फलों और सब्जियों लिस्ट बनाई गई है जिसमे पेस्टिसाइड मात्रा सबसे अधिक पाई गई है। इनमें सेब, अंगूर ,आडू, चेरी, नाशपाती, टमाटर, आलू, सेलरी और स्वीट बेल पेपर शामिल हैं। मनुष्य पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है इससे जनन की क्षमता, फेफड़ों, मस्तिष्क और भी अन्य तरह के अंगों पर प्रभाव डालते हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

सरकार ने 2022 तक सभी परिवारों को अपना स्वयं का मकान देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। हम इसमे आवेदन कैसे कर सकते हैं, आज इसके बारे में जानते हैं। इस योजना में आवेदन दो तरीके से कर सकते हैं। नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या जन सुविधा केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। दूसरी प्रक्रिया के अनुसार आप प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट पर जाकर स्वयं आवेदन कर सकते हैं।

जन सुविधा केंद्र के माध्यम से आवेदन कैसे करें- इसमे हमे अपने पास के किसी भी जन सुविधा केंद्र में जाना होगा।

आवश्यक दस्तावेज और शुल्क- आपको अपने आधार कार्ड का नंबर और एक पासपोर्ट साइज की फोटो साथ ले जाना आवश्यक है। इसमे 25 रुपये की फीस लगती है। इसमे आवेदन के बाद हमे एक रशीद दी जाएगी, जिसमें हमारा फ़ोटो और रजिस्ट्रेशन क्रमांक लिखा होता है। आवेदनकर्ता कभी भी इंटरनेट से अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकता है।
ऑफिशियल वेबसाइट से घर बैठेआवेदन करना- सबसे पहले आपको इसकी वेबसाइट pmaymis(dot)gov(dot)in पर जाना होगा। वेबसाइट पर जाने के बाद आपको नया ऑप्शन में से सिटीजन असेसमेंट के लिंक पर क्लिक करके आपको तीन विकल्पों में से एक विकल्प चुनना होगा। अगर आप स्लम बस्ती में रहते हैं तो फ़ॉर स्लम पर क्लिक करे नही तो फिर बेनिफिट अंडर अदर कंपोनेंट पर क्लिक करें। इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको नीचे दिखाए गए इमेज की तरह आधार कार्ड भरने का ऑप्शन दिखाई देगा। इसमें आप अपना 12 अंकों का आधार कार्ड नंबर भरें। और उसके बाद चेक ऑप्शन पर क्लिक कर करें।
यदि आपका आधार कार्ड नंबर सही होगा तो आपक एक प्रधानमंत्री आवास योजना ऑनलाइन फार्म खुलेगा। जिसमे आपको अपनी सभी जानकारी को सावधानी पूर्वक भरना होगा। यदि आपका आधार कार्ड सही नहीं होगा तो आपको दोबारा नंबर डालने के लिए कहा जायेगा। अगर आपका आधार नम्बर नही है तो पहले अपना आधार नंबर को बनवा लें। सभी जानकारी को भरने के बाद सब्मिट पर क्लिक करना है।