अब सरकार से कोई भी जानकारी ले, यह आपका अधिकार है

RTI अधिनियम क्या है और कैसे आप इस अधिकार का इस्तेमाल कर सकते है? यह 2005 में लाया गया था, इसे सूचना का अधिकार भी कहते हैं। सही तथ्यों के आधार पर कोई भी नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी ले सकता है। यह सरकारी विभाग सरकार के काम या प्रशासन में पारदर्शिता लाने का काम करता है। यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा कदम भी साबित हो सकता है।
डिस्पेंसरी में कितनी दवाइयां आती है, पार्क और साफ़ सफाई में कितना खर्च हुआ, किसी सरकारी दफ्तर में कितनी नियुक्तियां हुई हैं। इसके अलावा सड़क बनाने के लिए कितने पैसे आये और कहां पर खर्च हुए आदि जानकारी ले सकते हैं। सभी गवर्मेंट डिपार्टमेंट, प्रधानमंत्री, मुख्यमत्री, बिजली कंपनियां, बैंक, स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, राष्ट्रपति, पुलिस, बिजली कंपनियां, इसके अंतर्गत आते हैं। RTI की एप्लीकेशन हम किसी भी भारतीय भाषा जैसे हिंदी, इंग्लिश या किसी भी स्थानीय भाषा में दे सकते हैं।

हम इसे ऑनलाइन rtionline(dot)gov (dot)in पर जाकर कर सकते हैं। इसके 30 दिन के अंदर हमे जबाब मिल जाता है। इसकी फीस 10 रुपये है और यह कि गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के लिए निशुल्क है।

बिजनेस करने का सुनहरा मौका, सरकार दे रही बिना किसी गारंटी के 2 लाख तक का लोन

मध्यप्रदेश युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का संचालन कर रही है।इसमें राज्य का कोई भी नागरिक बैंक से बिना किसी गारंटी के लोन के लिए एप्लाई कर सकता है और अपना स्वयं का रोजगार शुरू कर सकता है। प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना का संचालन 1 अगस्त 2014 को शुरू किया गया था और इसमें 2017 में बदलाव किया गया था।
इस योजना का लाभ लेने के लिए नियम व शर्तें- इस योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश का स्थाई नागरिक होना आवश्यक है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को कम से कम 5वीं पास होना चाहिए। आवेदक की आयु 18 वर्ष और ज्यादा से ज्यादा 45 वर्ष होनी चाहिए। इसका लाभ उन लोगों को मिलेगा जो पहले से इनकम टैक्स नहीं भरते हैं। इसमे आवेदक को किसी राष्ट्रीय, निजी बैंक द्वारा डिफाल्टर घोषित नहीं किया गया हो। यह योजना केवल उद्योग, सेवा कंपनी और व्यवसाय स्थापित करने के लिए ही सहायता प्रदान करती है। इस योजना का लाभ एक व्यक्ति को एक बार ही प्रदान किया जाएगा। इसमे चालू किए जाने वाले रोजगार की उद्योग की अनुमानित लागत 50000 से 1000000 के बीच होनी चाहिए।

गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी, महिला निशक्तजनों को 30% अधिकतम ₹200000 की सब्सिडी दी जाएगी। सामान्य वर्ग के नागरिकों को इस योजना के अंतर्गत अनुमानित लागत का 15% की छूट दी जाती है। भोपाल गैस कांड और घुमक्कड़ लोगों को इस योजना के अंतर्गत अतिरिक्त छूट भी प्रदान की जाती है।

आवश्यक डॉक्यूमेंट- आवेदक की पासपोर्ट साइज फोटो, मध्य प्रदेश का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, शैक्षिक प्रमाण पत्र, उम्र से संबंधित प्रमाण पत्र, निशक्तजन संबंधी प्रमाण पत्र (यदि लागू हो तो), जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो तो), आय प्रमाण पत्र, उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्राप्त किया गया हो तो उसका प्रमाण पत्र संलग्न करें, BPL राशन कार्ड की प्रतिलिपि (यदि लागू हो)।

आवेदन पत्र को 30 दिन के अंदर चयन समिति को भेजा जाता है। यदि आपका लोन पास हो जाता है, तो इसके 15 दिन के अंदर आपको लोन उपलब्ध करा दिया जाता है। कोई भी बैंक कर्मचारी कोलेटरल सिक्योरिटी की मांग नहीं कर सकता।

हम इसकी ऑफिसियल वेबसाइट msme(dot)mponline(dot)gov(dot)in पर जा सकते हैं। इस पर हमें नया एकाउंट बनाना है। फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी को सही-सही भरने के पश्चात आपको सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा, और इसके बाद मिलने वाले रजिस्ट्रेशन स्लिप का प्रिंट आउट निकाल कर रख लेना है।
इसके बाद इसकी विभाग के द्वारा समीक्षा की जाती है। आपकी जानकारी या किसी और कारणवश आपको विभाग बुलाया जा सकता है। इसमे 2 लाख तक का लोन दिया जाता है,लोन लेने के 6 महीने बाद जमा करना होता है और इसकी अवधि 5 से 7 साल होती है।

पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के अलावा हमें ये 4 अधिकार भी मिलते हैं

पेट्रोल पंप पर हम पेट्रोल तो भरवाते ही है इसके अलावा यहां पर ये 4 प्रकार के सुविधा भी हमे फ्री में मिलती है।

अगर आप किसी प्रकार की मुसीबत में हो और आपको कॉल करना हो तो ऐसे समय मे हम पेट्रोल पम्प से कॉल कर सकते हैं।

पेट्रोल पंप पर लोगों को साफ सुथरा बाथरूम भी बनाया जाता है, इसका उपयोग सभी लोग कर सकते हैं।
सभी पेट्रोल पंप पर फर्स्ट ऐड बॉक्स भी होता है। फर्स्ट एड बॉक्स में वो सभी दवाएं भी होती हैं जो रोगी को थोड़े समय के लिए राहत पहुंचा सकती हैं जिससे कि रोगी को हॉस्पिटल तक ले जाया जा सके।

पेट्रोल भरवाने के बाद हम वहां पर अपने गाड़ियों की हवा को भी चेक कर सकते हैं। हमे यहाँ पर हवा भरने की सुविधा भी दी जाती है।

पेट्रोल पंप से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए हम pgportal(dot)gov(dot)in पर जा सकते हैं। इस पर शिकायत के लिये कोई चार्ज नही लिया जाता है।

अब प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनाने के लिए फ्री में जमीन मिलेगी

अब प्रधानमंत्री आवास योजना को और सरल करने का काम किया जा रहा है। अब आवास विभाग जमीन मुफ्त में देने का संशोधित शासनादेश जारी करने की तैयारी कर रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 2022 तक सभी आवास मुहैया कराने की तैयारी सरकार कर रही है। जिनके पास कच्चा मकान है उन्हें पक्का बनाने में मदद की जा रही है और जिनके पास है ही नही, उन्हें भी नया मकान बनाने की दिशा में कार्य चल रहा है.
प्रधानमंत्री आवास योजना में दो लाख रुपये में दो कमरे का मकान देने की योजना शुरू की है। इस योजना में मकान बनेंगे साढ़े चार लाख रुपये में परंतु इसमें ढाई लाख रुपये सब्सिडी दी जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना में बनने वाले मकानों के प्रगति के बारे में जानकारी मांगी गई थी, तब अधिकारियों ने मकान के लिए जमीन न होने की जानकारी दी। आवास योजना में मकान के लिए आवास विकास परिषद को नजूल की भूमि फ्री में दी जाएंगी। आवास विभाग इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी करने वाला है

एक आदमी को वजन के हिसाब से पानी पीना चाहिए, कम या ज्यादा नुकसान कर सकता है

आज के समय मे बहुत सारे लोग पानी के महत्व को नही समझते हैं। पानी हमारे वजन को कम करने में भी सहायता करता है। कुछ लोग कहते हैं की 2 लीटर पानी प्रतिदिन पीना चाहिए, लेकिन ऐसा नही है। एक रिसर्च के अनुसार खाना खाने से पहले सिर्फ दो कप पानी पीने से डाइटिंग करने वाले लोगों का साल में सात किलो से ज़्यादा वज़न कम हो सकता है।
सही मात्रा में पानी पीने से शरीर की उपापचयी क्रियाएँ सही बनी रहती हैं, पानी भूख को भी नियंत्रित करता है। वजन के अनुसार कितना पानी पीने की जरूरत होती है यह नीचे चार्ट में दिखाया गया है।

आपकी जेब मे रखा पर्स भी आपकी जान का दुश्मन बन सकता है

आमतौर पर हमारा रूटीन क्या होता है, हम नहा धोकर तैयार होते हैं, अपने बाल संवारते हैं अपनी जरूरी जरूरी चीजें लेते है जैसे कि अपनी कलाई पर घड़ी बांधते हैं, अपना मोबाइल, चाबियां ली और पर्स अपने पतलून में रखा और काम पर जाने के लिये तैयार हो गए।

आमतौर पर दुनिया के ज्यादातर पुरुष इसी तरह काम पर जाने के लिये तैयार होते हैं। मोबाइल लोगो की सबसे बड़ी जरूरत है उसके बाद है घर की चाबियां और तीसरे सबसे जरूरी चीज होती है आपका पर्स या बटुआ।

पर्स में हमारे फ़ोटो डेबिट क्रेडिट कार्ड अपने पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड बगैरह बहुत सारा सामान होता है। अब आप सोचिए कि आप अपना बटुआ कहाँ रखते हैं, अपने बैग में सामने वाली जेब मे या पतलून पैंट की पीछे वाली जेब मे।

अगर आप बटुआ पैंट की पीछे वाली जेब में रखते हैं तो यह बहुत घातक है। पैंट के पीछे रखा आपका वॉलेट आपकी जान का दुश्मन बन सकता है।

पर्स आपकी पैंट की जेब मे थोड़ी देर ही रखने के लिये होता है और अगर आप एक मोटे से पर्स पर कई घंटे बैठेंगे तो इससे आपके हिप जॉइंट और कमर के निचले हिस्से में दर्द शुरू हो जाएगा। ये दिक्कत शुरू होती है साइटिका नर्व के साथ जो हिप जॉइंट के पीछे होती है। मोटा पर्स रखने से यही नर्व बटुआ और हिप जॉइंट के बीच दबती है और आपके लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। ये गंभीर मामला है, दर्द भले हिप से शुरू होता है पर ये पैर के निचले हिस्से तक जा सकता है।

वैज्ञानिकों ने पीठ के दर्द के लिये एक प्रयोग किया जिसमे हिप के नीचे छोटे आकार के पर्स रखे। मोटा पर्स से हमारा पेल्विस भी एक तरफ झुका रहता है जिसके कारण रिड की हड्डी पर ज्यादा दबाब पड़ता है। सीधे बैठने के बजाय कमर के निचले हिस्से में इंद्रधनुष के आकार का घुमाव बन जाता है। जितना मोटा पर्स होगा शरीर एक तरफ ज्यादा झुका रहेगा और उतना ज्यादा ही दर्द होगा। रिड की हड्डी या स्पाइन में टेढ़ापन आ जायेगा और अगर में पहले से ही दर्द हो तो इससे और भी अधिक परेशानी हो सकती है।

आप समझ गए होंगे कि इससे हमें कितनी परेशानी हो सकती है। इस दर्द से बचने के लिए हमे किसी अच्छे फिजियोथेरेपिस्ट से मिलकर अच्छी कसरत सीख लेने चाहिए। इसमे दर्द रेडियंट होता है यानी कि दर्द अपनी जगह बदलता रहता है।

इससे बचने के लिए हमे पर्स रखने वाली क्लिप का उपयोग करना चाहिए जिससे पर्स अपने पैंट के लूप में लटका रहे या फिर बहुत पतले साइज वाला वॉलेट रखे जिसमे बहुत जरूरी चीजें हो।

मोदी केयर के बाद एक और योजना, 50 करोड़ लोगों को होगा फायदा

सरकार अगले चुनाव से पहले 50 करोड़ लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा की एक बड़ी योजना लेकर आने वाली है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ऐसे प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अंतर्गत कृषि क्षेत्र में काम करने वाले लोग भी आएंगे। वित्त और श्रम मंत्रालय इस योजना की निगरानी करेंगे। इसके अनुसार पेंशन और मैटरनिटी कवरेज के साथ मेडिकल, बीमारी और बेरोजगारी कवरेज भी देने का प्लान है।

पहले चरण में ही के कुल कामगारों के लगभग 40 प्रतिसत हिस्से के लिए लागू करने में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी। यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी स्कीम को 10 साल में तीन स्टेप्स में लागू कर देने का प्लान है। इसमें हेल्थ सिक्योरिटी और रिटायरमेंट भी दिया जायेगा।

50 करोड़ लाभार्थियों को चार स्तरों में बांटा जा सकता है। पहले इसमें गरीबी रेखा से नीचे के लोगो को शामिल किया जाएगा जो भुगतान नही कर सकते है, कुछ योगदान कर सकने वाले असंगठित क्षेत्र के कामगारों को दूसरे स्तर में सब्सिडाइज्ड स्कीमों के द्वारा शामिल किया जाएगा। तीसरे श्रेणी में वे लोग होंगे, जो खुद या अपने एंप्लॉयर्स के साथ मिलकर पर्याप्त योगदान कर सकते हैं। जबकि चौथे स्तर में अपेक्षाकृत संपन्न कामगार को रखा जाएगा, जो खुद अंशदान कर सकते है।

ज्यादा आय वाले भी ले सकते हैं प्रधानमंत्री आवास योजना में घर, 2.5 लाख तक का लाभ मिलेगा

अब प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान 18 लाख रुपये से ज्यादा कमाने वाले लोग भी ले पाएंगे। इसके लिए उन्हें बैंक से लोन लेने पर ब्याज में छूट भी दी जाएगी। इसका लाभ पाने के लिए लोगों को पीएम आवास योजना में आवेदन करना होगा।

प्रधानमंत्री आवास योजना में गरीबों को 2 लाख में मकान दिया जाता है, कच्चे मकान को पक्का करने के लिए 2.5 लाख दिए जाते है और जिसके पास केवल जमीन है उसे भी मकान बनाने के लिये ढाई लाख दिए जाते हैं।लोगों में यह भ्रम है कि पीएम आवास योजना केवल गरीबों के लिए ही है, जबकि अधिक आय वालों को भी इसमे 2.5 लाख का ही लाभ होगा।

अगर कोई व्यक्ति 9 लाख के मकान के लिए बैंक से लोन लेता है तो उसे योजना के अनुसार बैंक के ब्याज में 4 प्रतिसत की छूट मिलेगी, इसका मतलब है कि अगर उसे बैंक को 9 प्रतिदत ब्याज देना होता है तो उसमें 4 प्रतिशत की छूट हो जाएगी और उसके केवल 5 प्रतिसत ही ब्याज देना होगा। इसी तरह 12 लाख के मकान खरीदने वाले को ब्याज में 3 प्रतिसत की छूट मिलेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 2022 तक सभी जरूरतमंदों के पास रहने लायक घर हो जाना चाहिए।

जिला उद्योग केंद्र से अपने व्यवसाय में मदद ले और इसमे 25 लाख तक के लोन के लिए आवेदन भी करे

जिला उद्योग केंद्र योजना की शुरुआत सन 1978 में केंद्र सरकार के द्वारा लघु , कुटीर , ग्रामोद्योग और छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भी छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना है।जिला उद्योग केंद्र जिला स्तर पर एक केंद्र है जो जिले में छोटे, कुटीर, ग्राम उद्योग, माइक्रो, लघु एवं मध्यम उद्योग से जुड़े व्यवसाईयों को हर प्रकार की सहायता करने के लिए स्थापित किया गया है। यह प्रत्येक जिले में लघु , मध्यम, कुटीर उद्योगों और ग्रामोद्योग की सहायता करने के लिए सरकार द्वारा स्थापित किया गया है।
इसमे व्यापार मेले , प्रदर्शनियां , सेमिनार आदि का भी विभिन्न प्रकार के उद्योग संघ द्वारा आयोजित करवाया जाता है। हमे UAM (उद्योग आधार मेमोरंडम) पर जाना होगा। यहां पर कारोबारी अपने व्यवसाय को रजिस्टर कर सकते हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरते समय व्यवसाइयों को आधार नंबर , व्यवसाय का नाम व्यवसाय का प्रकार और व्यवसाय से जुड़ी सभी जानकारियां फॉर्म में भरी जाती हैं। कोई भी व्यवसायी इसकी वेबसाइट पर जाकर अपना उद्योग रजिस्टर करा सकता है। इसमे लोन भी प्रदान किया जाता है। छोटे कारोबारियों को भी लोन दिया जाता है क्योंकि वह हमारे देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देते हैं। इसमे व्यवसाइयों से किसी प्रकार का शुल्क नही लिया जाता है।

इसमे एक ही आधार से एक से अधिक उद्योगों का पंजीकरण किया जा सकता है। भारत सरकार द्वारा ऐसे व्यवसाइयों को सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। आवेदनकर्ता को कम से कम कक्षा 8 पास होना आवश्यक है।इस योजना के अंतर्गत मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में 2500000 रुपए तक का लोन प्राप्त किया जा सकता है।इसके साथ ही अन्य प्रकार के व्यवसाय के लिए 1000000 रुपए तक का लोन प्राप्त किया जा सकता है।आपको udyogaadhaar(dot)gov(dot)in इस वेबसाइट पर जाना होगा जिसकी लिंक हम कमेंट बॉक्स में भी दे रहे हैं। इसमे हम अपनी डिटेल भरने के पश्चात आधार को वैरीफाई करना होगा। जिसके बाद अपनी कैटेगिरी को सिलेक्ट करना होगा। हमे अपने उद्योग का नाम और पता भरना होगा। अब आपके सामने EM1/EM2/SSI/UAM को चुनने का ऑप्शन आएगा। यदि आपने इससे पहले अपने व्यवसाय को रजिस्ट्रेशन करने के लिए आवेदन किया था। तो उस का चुनाव करें, अन्यथा N/A पर टिक करें।
जिसके बाद हमे अपनी बैंक एकाउंट की डिटेल भरनी होगी। इसके बाद हमे सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन स्लिप प्राप्त होगी जिसे आप प्रिंट कर के अपने पास रख लेना है। अगर आप इसमे पहले से ही रेजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं तो इसमे अपनी डिटेल को अपडेट भी कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार लोन योजना में आवेदन कैसे करें, मिलेगा 10 लाख तक का लोन

यह योजना उत्तर प्रदेश के नागरिकों के लिए है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश प्रदेश में बेरोजगारी को कम करना और स्वरोजगार को बढ़ावा देना है इसमे नागरिकों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाती है। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार लोन योजना के अंतर्गत प्रदेश के नागरिकों को स्वयं का उद्योग शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती हैं |
इसका उद्देश्य प्रदेश में बेरोजगारी को कम करने और पलायन को रोकना और उन्हें गांव में ही रोजगार के सुलभ अवसर उपलब्ध कराना है। इसमे 1000000 रुपए तक की वित्तीय सहायता बैंक द्वारा प्रदान कराई जाती है। स्थानीय कच्चे माल की उपलब्धता को देखते हुए व्यक्तियों के लिए ग्राम उद्योग इकाई निर्धारित की जाएगी। आपको www(dot)upkvib(Dot)gov(dot)in इस वेबसाइट पर जाना होगा जिसकी लिंक हम कमेंट बॉक्स में भी दे रहे हैं।

दुनियाभर में खोले गए बैंक खातों में से 55% भारत में खुले

भारत में किये गए सुधारों को सब लोगों भरोसा मिल रहा है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में खोले गए नए बैंक खातों में से 55 प्रतिशत भारत में खोले गए हैं। भारत की जन-धन योजना की सफलता का हवाला देते हुए बताया कि वैश्विक स्तर पर 2014-17 के दौरान 51.4 करोड़ बैंक खाते खोले गए हैं, इनमें से 55 प्रतिशत बैंक खाते भारत में खुले हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मार्च, 2018 में जनधन खातों की संख्या बढ़कर 31.44 करोड़ हो गई, इससे पहले 28.17 करोड़ थी। विश्व बैंक की इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वयस्क बैंक खाता धारकों की संख्या 2017 में बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई, इससे पहले 2014 में यह 53 प्रतिशत और 2011 में 35 प्रतिशत थी।

जनवरी में भी विश्व बैंक ने भारत के विकास दर पर संतुष्टि प्रकट करते हुए इस साल यह दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान लगाया। इस रिपोर्ट से सरकार को जीएसटी और नोटबंदी पर उंगली उठाने वाले विपक्ष को जवाब देने का मजबूत आधार भी मिल गया है।

विश्व द्वारा भारत की क्षमताओं पर भरोसा जताया जा रहा है भारत अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार नए प्रयास कर रहा है और इन प्रयासों से सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं। जीएसटी और नोटबंदी जैसे कदमों से भारतीय अर्थव्यवस्था अन्य देशों के मुकाबले मजबूती और तेजी के साथ उभर रही है

सरकार की हर-घर बिजली पहुंचाने की यह योजना देगी 3 करोड़ लोगों को लाभ, ऐसे करे आवेदन

वर्ष 2015 में भारत के 18,000 हजार गांवों में बिजली नहीं थी। जिसके बाद 1000 दिनों में इन गांवों में बिजली पहुंचने का लक्ष्य रखा गया। देशवासियों को यह जानकर खुशी होगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब सभी का हर-घर बिजली का सपना साकार कर रहे हैं क्योंकि बहुत से लोगों के पास अभी भी बिजली नहीं है।

सौभाग्य योजना के तहत गरीबों को मुफ्त में बिजली के कनेक्शन दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना सौभाग्य योजना का शुभारंभ किया है, जिस पर 16,320 करोड़ रूपये की लागत आएगी। आप इसमे आवेदन के लिए वेबसाइट पर भी जा सकते हैं saubhagya(dot)gov(dot)in इसकी लिंक हम कमेंट बॉक्स में भी दे रहे हैं।

गरीबी के कारण जो लोग बिजली का कनेक्शन नहीं ले पाते हैं, जिससे उनको बड़ी परेशानी का बहुत सामना करना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए सहज बिजली हर घर योजना लाई गई है जिससे कि सभी गरीब परिवारों को भी बिजली मिल सके, और वह आराम से अपना जीवन यापन कर सकें। इस योजना के तहत हर घर को 5 एलईडी बल्ब, एक पंखा और एक बैटरी देने की योजना है। जिन इलाकों में बिजली नहीं पहुंची है वहां पर भी बिजली लाने की कोशिश की है। इसके लिए इन इलाकों के घरों को केन्द्र सरकार की ओर से बैट्री समेत 200 से 300 WP का सोलर पावर पैक दिया जाएगा, जिसमें बैट्री, 5 एलईडी बल्ब, एक डीसी पंखा, एक डीसी पावर प्लग होगा।

सौभाग्य योजना को पूरा करने का लक्ष्य 31 मार्च 2019 रखा गया है। लेकिन इसे 31 दिसंबर 2018 तक ही पूरा कर लिया जाएगा। जहां बिजली पहुंचाना संभव नहीं होगा, वहां सोलर पैनल दिए जाएंगे। अभी 100-150 गांवों में बिजली पहुंचाना बाकी है।

सौभाग्य योजना से अब फ्री में बिजली के कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं। जिससे देशभर के गरीबों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। सौभाग्य योजना के अनुसार बिजली कनेक्शन के लिए 2011 की सामाजिक, आर्थिक और जातीय जनगणना को आधार माना जाएगा। जो व्यक्ति गरीब होगा जिसके पास बिजली नहीं होगी, ऐसे लोगों को इस स्कीम का लाभ दिया जाएगा। जो लोग इस जनगणना में शामिल नहीं हैं, उन्हें 500 रुपये में कनेक्शन दिया जाएगा। 500 रुपये भी दस किश्तों में वसूला जाएगा। इस स्कीम का फायदा गांव के साथ-साथ शहर के लोगों को भी मिलेगा। इस योजना में 70 हजार करोड रुपए का खर्च होगा। इस योजना के तहत गांवों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले करीब 3 करोड़ गरीबों को फायदा होगा।

बिना पैसों के शुरू करे ये 5 बिजनेस, हर महीने कमाएं 30 से 40 हजार रुपए महीना, these buisness give a 30 40 thousand profit without investment

मँहगाई के इस दौर में हमे अपना खर्च चलाने के लिए कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर कोई बेरोजगार है तो उसकी परेशानियां और भी बड़ जाती हैं। इसके अलावा नौकरी के साथ और भी कई जॉब है जिनसे भी हम अच्छी कमाई करवा सकते है। इन बिजनेस में हमे थोड़ा सा ही पैसा खर्च करना पड़ेगा।

मोबाइल टिफिन सर्विस- महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी इस काम को करने लगे हैं। यह बिजनेस भी अभी अच्छा चल रहा है। हम यह बिजनेस किसी भी कमर्शियल इलाकों में कर सकते हैं।
ट्रांसलेटर- ट्रांसलेटर भी आजकल बहुत सारा काम कर सकते हैं। गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत मे इसकी अच्छी डिमांड होती है। स्थानीय भाषा का जानना हमे फायदे का सौदा हो सकता है। कई प्रकार की कंपनियां हैं जिन्हें लोकल कंटेंट की डिमांड होती है। इसमे भी 15 से 20 हजार तक की कमाई की जा सकती है।

ई-कॉमर्स कंपनियों में फ्री सेलर- हम ई कॉमर्स कंपनियों में भी फ्री सेलर बन सकते हैं। हम कोई भी प्रोडक्ट घर पर तैयार करके इनपर बेंच सकते हैं। फ्लिपकार्ट, अमेज़न और स्नैपडील का बिजनेस बड़ी तेजी से बड़ रहा है। आप चाहें तो अपना समान यहां पर बेंचकर भी पैसा कमा सकते हैं।

योगा टीचर- आप चाहे तो योगा टीचर बनकर भी अच्छा पैसा कमा सकते हैं। आजकल लोग स्वास्थ्य के प्रति अधिक जाग्रत हो रहे हैं और इन दिनों योगा के प्रति भी लोगों का आकर्षण बढ़ रहा है। यह भी का अच्छा विकल्प है। प्रति व्यक्ति 200-300 रुपये लेकर भी अच्छी कमाई कर सकते हैं।
होम ट्वीटर- हमारी सब्जेक्ट में अच्छी पकड़ है तो हम होम ट्वीटर बन सकते हैं। इसमे फिजिक्स मैथ्स और साइंस की ज्यादा डिमांड होती है। इसके अलावा अच्छी कमाई और नालेज होने के बाद खुद का कोचिंग सेन्टर भी खोल सकते हैं।