आधार कार्ड से जुड़ी बातें जो आपको जानना जरूरी है, aadhar card related some essential points

आधार ने 119 करोड़ भारतीयों को एक विश्वसनीय पहचान प्रदान की है। आज का तथ्य यह है कि आधार किसी भी अन्य पहचान की तुलना में अधिक विश्वास और विश्वास को प्रेरित करता है। भारत में दस्तावेज, उदाहरण के लिए यदि आप बेतनभोगी हैं तो आपकी तो कौन सी पहचान है, कौन से दस्तावेज़ आप अपने संभावित कर्मचारियों से लेना पसंद करेंग? घरेलू सहायता कर्मी, वाहन चालक, बस्तियों और गांवों में रहने वाले अपनी पहचान साबित करने के लिए आधार का उपयोग कर रहे हैं। नौकरियों, बैंक खाते खोलना , रेल यात्रा के लिए, और विभिन्न अधिकारों और सरकारी लाभ सीधे प्राप्त करने के लिए आप अपने आधार का उपयोग कर सकते हैं।
      आधार में आपका नाम, पता, जन्म तिथि, जेंडर, दस उंगलियों के निशान, आंखों के रेटिना का स्कैन, चेहरे का फोटोग्राफ, मोबाइल नम्बर एवं ईमेल आईडी की जानकारी ही डेटाबेस में होती है, अन्य जानकारी जैसे जाति, धर्म, शिक्षा, बैंक एकाउंट, शेयर, म्यूच्यूअल फण्ड, फिनांफ़ियाल एंड प्रोपेर्टी डिटेल, हेल्थ रिकॉर्ड की जानकारी UIDAI के डेटाबेस में नही होती है। जब आप अपना आधार नंबर बैंक एकाउंट, म्यूच्यूअल फण्ड कंपनियों, मोबाइल फोन कंपनियों को देते हैं तो वो आपका नाम, बॉयोमेट्रिक आदि की जानकारी को UIDAI को सत्यापन के लिए भेजते हैं ताकि आपकी पहचान हो सके, वो आपकी बैंक डिटेल UIDAI को नही देते हैं।
       अगर कोई अपना आधार नंबर जान लेता है, तो उसका उपयोग कर आपके बैंक खाते से पैसे नही निकाल सकता क्योंकि सिर्फ आपके एटीएम कार्ड नंबर को जानकर कोई भी आपके आधार को जानकर एटीएम मशीन से पैसे नही निकाल सकता हैं, यदि आप बैंक द्वारा दिए गए आपके पिन / ओटीपी में शामिल नहीं हैं, तो आपका बैंक खाता सुरक्षित है। सभी बैंक खाताधारकों की पहचान सत्यापित करना आवश्यक है जिससे धोखेबाज, मनी-लाउन्डरर्स, अपराधियों इत्यादि खातों को बाहर निकाल सकें और आधार के माध्यम से ऐसे धोखेबाज आसानी पता लगाएं जा सकते हैं और उन्हें सजा दी जा सकती है। इसलिए आधार के साथ अपने बैंक खातों को जोड़कर आपका खाता बन जाता है और अधिक सुरक्षित। अपने देश की सुरक्षा, सभी मोबाइल सब्सक्राइबरों की पहचान, मोबाइल नंबर धोखाधड़ी, मनी-लाउन्डर्स, अपराधियों आदि और उन्हें बाहर निकालने के लिए आधार के साथ लिंक करें। यह पाया गया है कि ज्यादातर अपराधियों और आतंकवादियों ने सिम कार्ड जिसके नाम पर जारी किए हैं उन्हें पता भी नही है। जब हर मोबाइल नंबर का सत्यापन किया जाता है और आधार से जोड़ा जाता है, तब धोखेबाज, अपराधियों और आतंकवादियों को मोबाइल की आसानी से पहचान की जा सकती है। आपकी आधार से जुड़ी बॉयोमेट्रिक जानकारी कभी भी मोबाइल कंपनियों के पास स्टोर नही हो सकती है क्योंकि यह एन्क्रिप्टेड है जैसे ही आप फिंगर को फिंगर स्कैन पर रखते हैं सत्यापन के लिए एन्क्रिप्टेड डाटा UIDAI में वेरीफाई के लिये जाता है। आधार केवल भारत के निवासियों के लिए है, अनिवासी भारतीय (NRI) आधार के लिए पात्र नहीं हैं। अगर आधार कार्ड नही बना है तो राशन और पेंशन जैसी सुविधाओं को बिना आधार कार्ड के बने हुए भी प्राप्त किया जा सकता है, फिर पहचान के लिए अल्टरनेट मेथड का सहारा लिया जाएगा।आधार वेबसाइट से ई-आधार कानूनी तौर पर मान्य है। UIDAI द्वारा जारी मूल आधार एजेंसियों द्वारा स्वीकार्य होना चाहिए।.               

       वास्तव में डाउनलोड किए गए ई-आधार ने आधार धारकों के पते आदि अपडेट किए होते हैं, इसलिए बेहतर होना चाहिए। अगर कोई भी डाउनलोड किए गए ई-आधार को स्वीकार करने से इनकार करता है तो आधार धारक उन विभागों / एजेंसियों के उच्च अधिकारियों के साथ शिकायत दर्ज करें। पिछले 7 सालों के दौरान आधार डेटाबेस का कभी भी उल्लंघन नहीं हुआ है। सभी आधार धारकों का डेटा सुरक्षित है।आधार के आसपास की कहानियां डेटा का उल्लंघन ज्यादातर गलत रिपोर्टिंग के मामलों हैं। UIDAI अपने डेटा को सुरक्षित और सुरक्षित बनाए रखने के लिए उन्नत सुरक्षा तकनीक का उपयोग करता है और उन्हें अपग्रेड कर रहा है। आपको हमारी जानकारी पसन्द आये तो हमे लाइक, शेयर करें और सब्सक्राइब /फॉलो जरूर करें।

कहीं आपका मोबाइल अधिक रेडिएशन तो नही छोड़ रहा है इसे चेक करने का आसान तरीका, how to check Mobile radiation level

मोबाइल रेडिएशन न केवल पशु-पक्षियों बल्कि मानव के लिए भी हानिकारक है। टेक्नोलॉजी के दिग्गजों का कहना है कि जिस गैजेट से लोग एक मिनट भी दूर नही रह सकते असल मे वह एक साइलेंट किलर है। मोबाइल रेडिएशन से मानशिक अवसाद तो होता ही है, इसके अलावा कई घातक बीमारियां भी हो सकती हैं।भारत सरकार ने मोबाइल रेडिएशन के लिए मानक भी तय कर रखा है। इससे ज्यादा रेडिएशन देने वाले मोबाइल कंपनियों की बिक्री पर प्रतिवंध लगा दिया गया है। INSARL यानी इंडियाज़ नेशनल स्पेसिफिक एब्जॉर्बेसन रेट लिमिट के अनुसार मोबाइल रेडिएशन का मानक 1.6 वाट प्रति किलो से ज्यादा नही होना चाहिए।
       जबकि कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियां इस बात की परवाह किये बिना अपने मोबाइल भारत मे धड़ाधड़ उतार रहीं हैं। अगर यूजर अपने मोबाइल पर रेडिएशन का लेवल चेक करना चाहते हैं तो उन्हें अपने मोबाइल से *#07# डायल करना होगा ऐसा डायल करते ही मोबाइल पर रेडिएशन संबंधित जानकारी आ जायेगी। इसमें दो तरह के लेवल दिखाए जाएंगे एक हेड और दूसरा बॉडी। हेड यानी कि मोबाइल पर बात करते हुए रेडिएशन का लेवल और बॉडी यानी कि मोबाइल चलाते समय या जेब मे रखे हुए रेडिएशन का लेवल। इस तरह हमे अपने मोबाइल फ़ोन के रेडिएशन का लेवल का पता चल जाएगा। आप भी सतर्क रहिये और मोबाइल फ़ोन खरीदते समय इस तरह की जानकारी चेक कर लें।

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टीबी रोगियों को अब सरकार देगी हर महीने आर्थिक सहायता, indian government will give economic support for tuberculosis patient till their treatment

भारत सरकार अब टीबी से पीड़ित मरीजों को हर महीने 500 रुपये देने का प्लान बना रही है। इसका उद्देश्य पौषक आहार को सुनिश्चत करना और बीमारी के दौरान आने-जाने का खर्च का व्यय रोगी पर न पड़े और वह बिना रुकावट के अपना इलाज पूरा करा सके। टीबी के रोगी लगभग 25 लाख है और यह सहायता रोगी की आय को ध्यान में न रखते हुए सबको ही दी जाएगी। यह पहल टीबी उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय सामरिक योजना का हिस्सा है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 2025 तक टीबी को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा टीबी से पीड़ित बच्चों को कड़वे स्वाद वाली दवाइयों की जगह अच्छे स्वाद वाली दवाएं दी जाएगी जो जल्दी घुल जाएंगी।
    भारत में टीबी के कारण आर्थिक नुकसान प्रतिवर्ष 20,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। विभिन्न दवाओं के संयोजन का उपयोग करते हुए टीबी के ज्यादातर लोगों को ठीक कर सकते हैं। सर्जरी कभी-कभी टीबी के इलाज के लिए ही इस्तेमाल की जाती हैं। खुराक ही टीबी के लिए एकमात्र प्रभावी उपचार है। टीबी का पूरा उपचार चिकित्सक के साथ-साथ रोगी की भी जिम्मेदारी है। कई बार रोगी को यह पता ही नही चलता है कि उसे टीबी हो गई है। कई लोग इसका इलाज पूरा होने से पहले ही दवाई खाना छोड़ देते हैं तो इस कारण यह और ज्यादा खतरनाक बन जाती है फिर इसका इलाज कठिन और लंबा चलता है। इसलिए इसकी सारी खुराक को नियमित समय पर लेते रहना चाहिए, जब तक कि डॉक्टर के द्वारा इसे बंद करने को न कहा जाए।

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बीकानेर का केमल फेस्टिवल में आनंद लेते दिखे लोग camel festival of Bikaner attract many tourist

ऊँट और कलाकारों के रंगीन जुलूस के साथ, दो दिवसीय केमल फेस्टिवल त्यौहार आज से शुरू हुआ, जो 13 और 14 जनवरी तक चलेगा। मेले में भाग लेने के लिए करिसिंह स्टेडियम में इकट्ठे हुए घरेलू और विदेशी पर्यटकों के लिए सुंदर कलाकारों के ऊंटों और प्रदर्शनियों का सशक्त आकर्षण है। यह जूनागढ़ के किले से शुरू हुआ और स्टेडियम में खत्म हुआ। पर्यटन, कला और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित बीकानेर का यह महोत्सव जनवरी का वार्षिक आयोजन है। केमल फेस्टिवल राजस्थान के अन्य समारोहों के समान हैं। इसमें मुख्य रूप से ऊंट नृत्य, ऊंट दौड़, गर्दन झंकार ऊंट सवारी का शानदार प्रदर्शन शामिल है।
   आप केमल फेस्टिवल को देखने के अलावा वहाँ पर और अन्य पर्यटन स्थलों पर जाने का मन भी बना सकते हैं। जैसे कि जूनागढ़ का किला यह अपने जटिल पत्थर के नक्काशी के कारण प्रसिद्ध है। देवी कुंड जो राजपूताना और इस्लामी शैली की वास्तुकला का अद्भुत मिश्रण पेश करता है। जैन मंदिर जो सुमातिनाथ को समर्पित है। यह जैन धर्म का पांचवां तीर्थंकर है। देशनोक मंदिर यह करनी माता के रूप में प्रसिद्ध है।

अब जल्दी ही खान-पान का विषय भी सिलेबस में शामिल किया जा सकता है, what is yellow book, it include in the syllabus verry soon

बच्चों में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना आज के समय मे बहुत आवश्यक बन गया है। FSSAI ने भी राज्यों से स्कूलों में सही भोजन के विषय पर अपनी पुस्तक का इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। इसका उद्देश्य है की सभी को शुरुआत से ही खान-पान सबंधित समस्याओं के बारे में सतर्क रहा जाये। खाद्य नियामक FSSAI ने राज्यों और संघ शासित प्रदेशों से स्कूल शिक्षा बोर्डों को 'येलो बुक' का इस्तेमाल करने के लिए सलाह दी है, जिसका लक्ष्य स्कूल के पाठ्यक्रम के माध्यम से सही खाने के लिए बच्चों को जागरूक करना है, सब कुछ सही रहा तो जल्दी ही यह पुस्तक सिलेबस में शामिल कर ली जाएगी।
        यह पुस्तक पिछले साल सितंबर में खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण FSSAI ने लाई थी, और यह 4-7 साल की आयु वर्ग के, 8-12 वर्ष और 13-17 वर्ष के बच्चों के लिए तीन श्रेणियों में शुरू की गई है। इसमें मजबूत खाद्य मानकों का विकास और सुरक्षित भोजन के लिए कोड का समर्थन करना, सकारात्मक विनियामक वातावरण बनाना, एक विश्वसनीय और मजबूत राष्ट्रीय खाद्य परीक्षण प्रणाली की स्थापना करना और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और स्वस्थ आहार की आदतों को बढ़ावा देना शामिल है। इसमें संतुलित भोजन खाने से भरपूर, पौष्टिक भोजन-पैकिंग करने के लिए कई विषयों को शामिल किया गया है। यह पोषण संबंधी कमियों को रोकने और स्वस्थ विकल्प बनाने पर जोर देता है। इस पुस्तक में स्कूल के बच्चों के लिए उपयोगी टिप्स और दिलचस्प गतिविधियां शामिल हैं। यह स्वतंत्र रूप से एक गाइड के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

मोटापा का कारण सिर्फ खान-पान ही नही है और भी कारण हो सकते हैं जानिये विस्तार से , cause of obesity is not only food but it can also by genetically

मोटापा अधिक खान-पान जो ज्यादा एनर्जी देता है तथा कम शारिरिक व्यायाम या फिर शरीर की ऊर्जा के कम उपयोग से होता है परंतु यह केवल अकेला मोटापे का कारण नही हो सकता है। कुछ लोग मोटापे को अपनी विरासत से भी प्राप्त करते हैं। रिसर्चर ने मोटापे के लिए उत्तरदायी जीन में म्यूटेशन का पता लगा लिया है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि मोटापे के आनुवांशिक कारणों और उनमें नए अनुसंधान से उनके इलाज के नए तरीके खोजने में यह बहुत काम आ सकता है। लंदन में किये गए शोध में पाया गया कि पाकिस्तान में बच्चों में होने वाले मोटापे में लगभग 30 प्रतिसत जनेटिक कारणों से होते हैं। शोध में यह भी पाया गया है कि इस तरह के केस रिसेसिव म्युटेशन के कारण होते हैं, जो कि विरासत में आने की अधिक संभावना पाकिस्तान की तरह के क्षेत्र जहाँ पर अंतर-पारिवारिक रिश्ते ज्यादा होते हैं, पायी जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि माता-पिता, जो निकटता से संबंधित हैं, एक ही म्युटेशन ले जाने की अधिक संभावना रखते हैं, इसलिए बच्चे में दोनों तरफ से एक ही जीन प्राप्त करने के कारण मोटापे का जीन प्रभावी हो सकता है।
     रिसेसिव और डोमिनेंट क्या होता है। डोमिनेंट का मतलब अधिक प्रभावी और रिसेसिव का मतलब कम प्रभावी होता है। दो प्रकार के एलील एक जो माता तथा एक पिता से प्राप्त किये जाते हैं। ये दो एलील ही लक्षण जैसे कि रंग, लंबाई ,सिर पर कम बाल या अधिक बाल आदि के लिए जिम्मेदार होते हैं। एक ही एलील के होने पर भी लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे हम उसे डोमिनेंट कहते हैं जबकि रिसेसिव में दोनों एलील का एक साथ पाया जाना जरूरी होता है। अगर कोई बीमारी या कोई अन्य लक्षण डोमिनेंट होगा तो एक एलील के होने पर ही उजागर हो जाता है तथा रिसेसिव होने पर वह एक एलील में होने पर उजागर तो नही होता परंतु वह इस लक्षण का वाहक कहलाता है जो आने वाली पीढ़ी में एक एलील के और मिल जाने पर उजागर होता है। जीन सीधे तौर पर प्रोटीन के उत्पादन को प्रभावित करता है और आप तो जानते ही हैं कि प्रोटीन हमारे लगभग सारे लक्षण और बीमारी को प्रभावित करता है। यदि हमारी जानकारी आपको पसंद आती है तो हमे लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करें।

अब घर बैठे मोबाइल को आधार से लिंक करे जाने विस्तार से, how to update adhar number in mobile phone sim

भारत सरकार ने सिम कार्ड को आधार नम्बर से जोड़ने की तारीख तो मार्च तक बड़ा दी है, लेकिन वैरीफिकेशन तो अभी भी जारी है। अब सभी टेलीकॉम सब्सक्राइबर एक नम्बर पर कॉल करके अपने सभी नंबरो को वेरीफाई करा सकते हैं। पहले टेलीकॉम कंपनियों के स्टोर तक जाने की मजबूरी हुआ करती थी। अब घर बैठे ये काम किया जा सकता है, बस IVR सेवा का उपयोग आपको करना है। आपके पास आधार नबंर होना चाहिए। अब चाहे आप किसी भी ऑपरेटर का फोन उपयोग करते हैं, किसी भी मोबाइल सर्विस का उपयोग करते हैं। तो आइये हम आपको इसका तरीका बताते हैं-
      आपको कॉल करना है टोल फ्री नंबर 14546 यहां IVR निर्देश आने लगेंगे उन्हें सुनकर सही निर्देश का पालन करना है। सबसे पहले नागरिकता के बारे में पूछा जाएगा क्या आप भारतीय हैं या NRI ? आपको सही विकल्प चुनना है। इसके बाद 1 दबाकर आप अपने फोन को आधार से लिंक करने की अनुमति दें। इसके बाद आपको अपना आधार नंबर टाइप करना है और इसकी पुष्टि के लिये 1 दबाना है ऐसा करने पर आपके मोबाइल फोन पर OTP यानी वन टाइम पासवर्ड आएगा। अब ये पासवर्ड अपने फ़ोन नंबर पर डाल देना है। अब टेलीकॉम ऑपरेटर को UIDAI के डाटाबेस से आपका नाम फोन, जन्म की तिथि का ब्यौरा लेने की अनुमति देनी है, इसके बाद में आपके फोन के आखिरी चार अंक दिखाए जाएंगे ताकि ये पुष्टि हो सके कि आपने सही नंबर दिया है। अगर नम्बर सही है तो SMS के द्वारा एक OTP आएगा, बस उसका इस्तेमाल करना है और वैरीफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 1 दबाना है। अगर आपके पास कोई और नम्बर है यानी आप एक से ज्यादा नंबरों का उपयोग करते है तो 2 दबाना है अब इसके बाद पूरी प्रोसेस को दोबारा पूरी करना है। इस तरह आपका दूसरा नंबर भी आधार से लिंक हो जाएगा। लिंक करने के समय जो भी OTP भेजे जाते हैं वह 30 मिनिट के लिए मान्य होते है यानी कि अगर लिंक करने के समय आपका फोन कट जाता है तो आप उसी OTP से अपने मोबाइल को आधार से लिंक कर सकते हैं। आपको बता दे कि ये जो नम्बर 14546 दिया है यह पूरी तरह से टोल फ्री है यानी कि इसमें कॉल का कोई चार्ज नही देना होगा। यदि आपको ये पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर करें। इस प्रक्रिया को पूरा करनें में कोई असुविधा हो तो हमें कमेंट में बताऐ।

सस्ते इलेक्ट्रॉनिक आपके लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं इनसे क्या नुकसान है जानिए, electronic can be big problem if not dispose properly

आपके द्वारा खरीदी गई इलेक्ट्रॉनिक चीजें जब आप कचरे में फेंक देते हैं या कबाड़ में डाल देते हैं तो वह कहां जाती हैं। इंसान के इलेक्ट्रॉनिक कचरे को एक साथ लिया जाए तो माउंट एवरेस्ट से ऊंचा पहाड़ बन जाएगा। दुनिया भर में सिर्फ 20 परसेंट इलेक्ट्रॉनिक कचरा रीसायकल हो रहा है बाकी 80 परसेंट कचरा प्रकृति को गंदा कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की मदद से हुए एक रिसर्च जिसके मुताबिक 2016 में दुनिया भर में साढे चार करोड़ टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा पैदा हुआ, अगर इस कचरे को एक जगह जमा कर दिया जाए तो माउंट एवरेस्ट से ऊंचा पहाड़ बन जाएगा या फिर एफिल टावर जैसी साढे चार हजार संरचनाएं बन जाएगी। इंटरनेशनल टेलीकम्यूनिकेशन यूनियन इंटरनेशनल सॉलिड वेस्ट एसोसिएशन की शोध के मुताबिक लोगों की बढ़ती आय और सस्ते इलेक्ट्रॉनिक आइटम के चलते इलेक्ट्रॉनिक कचरा एक बड़ा सिरदर्द बन चुका है। 2014 में इलेक्ट्रॉनिक कचरा 4.1करोड़ था और यह आशंका जताई जा रही है कि साल 2021 तक यह 5.25 करोड़ तक पहुंच जाएगा। अब आप सोचिये की यह कितना बड़ा सिरदर्द है, हर मोबाइल के अंदर एक सर्किट बोर्ड होता है जिसमे सोना होता है। विशेषज्ञ के मुताबिक 35 से 40 स्मार्टफोन में 1 ग्राम सोना होता है। इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट में बहुमुल्य धातुएं जैसे सोना, चांदी, तांबा, प्लेटिनम जैसी मिलती है। 2016 में रीसाइक्लिंग से 55 अरब डॉलर का कच्चा माल निकला था, वह भी सिर्फ 20 परसेंट इलेक्ट्रॉनिक कचरे से अगर सारा इलेक्ट्रॉनिक कचरा रीसायकल किया जाता तो सैकड़ों अरब डॉलर बचाई जा सकते थे। 2016 में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक कचरा 72 लाख टन चीन में पैदा हुआ। दूसरे नंबर पर अमेरिका रहा। प्रति व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक कचरा पैदा करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड सबसे ऊपर हैं, वहां हर साल एक शख्स 17.3 किलो इलेक्ट्रॉनिक कचरा छोड़ता है इसमें सिर्फ 6 परसेंट ही जमा किया जा सकता है। यूरोप में सबसे ज्यादा करीब 35 परसेंट इलेक्ट्रॉनिक कचरा इकट्ठा किया जाता है। बैटरी में पुरानी बैटरी के सेल सीएफएल बल्ब मोबाइल फोन, CD प्लेयर, CD, पुरानी मशीने और टीवी और कंप्यूटर होते हैं। जमीन पर बिखरने और पानी के संपर्क में आने से इनमें केमिकल रिएक्शन होता है और कई जहरीले पदार्थ पर्यावरण में खुलते हैं। इनके संपर्क में आने पर इंसान पेड़ पौधों और जानवरों पर बुरा असर पड़ता है। नदी झरनों में तार किसी दूसरी चीजों के संपर्क में आकर जाल सा बनाते हैं और बहाव को प्रभावित करते हैं। स्पष्ट है कि आनें वाले सालों में सबसे ज्यादा जोर इलेक्ट्रॉनिक कचरे की सफाई पर देना चाहिए।

इस बार इंदौर का मैदान लेकर आया कई विश्व रिकॉर्ड indoor ground makes many world record in cricket

भारतीय क्रिकेट टीम का यह लगातार दूसरा T20 मैच इंदौर में भारत और श्रीलंका के बीच में मैच खेला गया था। 88 रन से भारत ने श्रीलंका को हराकर सीरीज अपने नाम कर ली लेकिन हम आपको बताने वाले हैं की कौन-कौन से रिकॉर्ड इस मैच में बने हैं। क्योंकि विराट कोहली इन दिनों निजी कारणों से छुट्टी पर हैं, इसलिए रोहित शर्मा कप्तानी संभाल रहे हैं। उन्होंने सिर्फ 35 गेंदो में सेंचुरी मारी और इस तरह टी-20 क्रिकेट इतिहास के सबसे तेज शतक की बराबरी कर ली। साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज डेविड मिलर के साथ संयुक्त रूप से T20 के सबसे तेज शतक वीर हमारे रोहित शर्मा बन गए हैं। इस सूची में चौथे नंबर पर भारत के के. एल. राहुल हैं, जिन्होंने 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 46 बॉल में सेंचुरी ठोक डाली थी। यह बता दिया जाए कि वह कौन-कौन से रिकॉर्ड इंदौर के मैदान पर बने। किसी भी भारतीय का सबसे बड़ा T20 स्कोर यह रिकॉर्ड बना। रोहित शर्मा ने एक पारी में 43 गेंदों पर 118 रन बनाए इसके साथ ही वह T20 इंटरनेशनल मैचों में सबसे बड़ा निजी स्कोर बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी भी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड के.एल. राहुल के नाम था, जिन्होंने 110 रन बनाए थे। इस सूची में पहले नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के आरोन फिंच है जिन्होंने 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ 156 रन बना डाले थे। रोहित शर्मा 13 वे ओवर में डी. चमीरा की गेंद पर आउट हुए। यदि वह टिके रहते तो भारतीय पारी के 7 ओवर बचे थे, और जाहिर है कि वह T20 के सबसे बड़े निजी स्कोर का रिकॉर्ड तोड़ सकते थे। वैसे रोहित T20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले सेकंड इंडियन हैं। उनके नाम 66 सिक्स है जबकि पहले नंबर पर युवराज सिंह हैं उन्होंने इंटरनेशनल T20 करियर में 74 सिक्स मारे थे। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 260 रन बनाएं, यह भारतीय टीम का सबसे बड़ा और किसी भी टीम का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है। अगर भारतीय टीम 4 रन और बना लेती तो वह ऑस्ट्रेलिया को हराकर सूची में चोटी पर पहुंच जाती।

इंग्लैंड ने फिर बाजी मार ली अब 2022 में होगा वहाँ पर इसका आयोजन next tournament are held on britain 2022

राष्ट्रमंडल खेल महासंघ ने अपने अगले आयोजन की जगह घोषित कर दी है। 2022 में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन बरमिंघम में होगा। बरमिंघम में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन 27 जुलाई 2022 से 7 अगस्त 2022 तक होगा। पिछली बार 2002 में मैनचेस्टर में इन खेलों का आयोजन किया गया था। वैसे इंग्लैंड में कई टूर्नामेंट का आयोजन हो चुका है, मैनचेस्टर में 2002 में राष्ट्रमंडल खेल हुए थे। लंदन में 2012 में ओलंपिक हुए तो इस तरह से इंग्लैंड बड़े टूर्नामेंट का एक बड़ा दावेदार रहा है। लेकिन आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया मलेशिया और कनाडा में भी इसके लिए दावेदारी पेश की थी। वैसे आपको यह तो पता ही होगा कि साल 2018 आने वाले वर्ष में 4 से 15 अप्रैल तक कॉमनवेल्थ गेम ऑस्ट्रेलिया की गोल्ड कोस्ट में होने वाले हैं।

यदि आप आधार का उपयोग करते हैं तो सावधान हो जाइए use adhar with precaution

आप सोच रहे होंगे कि आधार पर आप की जानकारी लीक नहीं होगी क्योंकि आपका मोबाइल आपके पास है, और आपके फिंगरप्रिंट आप अपनी सूझबूझ से ही लगाएंगे। आज विभिन्न सेवाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड को पैन कार्ड, बैंक अकाउंट से जोड़ना अनिवार्य हो गया है पर क्या आप जानते हैं फिंगरप्रिंट के अलावा बायोमेट्रिक ऑथेंटिफिकेशन लिए आपकी आंखों का कॉर्निया को भी काम में लाया जा सकता हैं।घबराएं नहीं सरकार आपकी चिंता करती है क्योंकि कोनिया को आपकी जानकारी के बिना भी स्कैन किया जा सकता है जैसे बस स्टॉप या किसी भी सॉप पर।इसके लिए सरकार ने maadhar नाम की ऐप लॉन्च की है। आप सही सही ऐप डाउनलोड करें क्योंकि इस नाम की बहुत सारी एप्प उपलब्ध है इसके लिए हम इसकी लिंक अपने कमेंट बॉक्स में शेयर कर देगें। यदि आप चाहें तो इसे आधार की वेबसाइट से विजिट कर सकते हैं आप सोच रहे होंगे कि यह बातें मैं आपको क्यों बता रहा हूं इसका लाभ यह है कि आप अपनी बायोमेट्रिक जानकारी जैसे फिंगरप्रिंट रेटिना की जानकारी को एक निश्चित अवधि के लिए लॉक एवं अनलॉक कर सकते हैं यह सेवा बिल्कुल फ्री है।

गूगल से आप भी पैसे कमा सकते है, आज ही करें ये काम

गूगल के कई प्रोडक्ट है, गूगल समय समय पर लोगो से इस बारे में अनुभव लेता है कि उसका प्रोडक्ट आपको कैसा लगा तथा इस काम के वह आपको पैसे भी देता है। वह सर्वे करता है और लोगो की ओपीनीयन लेता है। इसके लिए जरूरी है कि आपकी जीमेल एकाउंट होना चाहिए और आपकी आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए। अगर आपकी आयू इससे कम है तो आप घर वालो के नाम से भी एकाउंट बना सकते हैं। यूजररीसर्च.गूगल के नाम से वेबसाइट दी हुई है जिस पर आप लॉगिन करके पैसे कमाएगें। इस वेबसाइट पर आप मोबाइल से भी काम कर सकते हो अगर आप के पास कंप्यूटर नही है तो। इस वेबसाइट को खोलेगें तो आपको इस पर साइनउप का ऑप्शन आएगा तो आप साइन कर दे।सर्वे में आपको बहुत सारे विकल्प दिए जाएंगे जैसे कि आपका देश कौन सा है, आपकी भाषा तथा आपने गूगल प्रोडक्ट कितने उपयोग किये है, और आपको वह कैसे लगे हैं जिस काम मे आपको समय लगेगा क्योंकि अगर सरल काम करेगे तो आपको पैसा कम मिलेगा। इन सबको पूरा करने के बाद आपको उसमे थैंक्स फ़ॉर रेजिस्ट्रेशन आयेगा जिसके बाद आपका काम खत्म हो जाएगा। फिर इसके बाद आपके ईमेल पर सर्वे आने लगेंगे और आपको पैसे भी मिलने लगेगें क्योंकि गूगल बहुत बड़ी कंपनी हैं तो हमे एक बार इसे करके देख सकते है।